महराजगंज जनपद के बागापार टोला बरइठवा में नवरात्रि के प्रथम दिन आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्री शतचंडी महायज्ञ के शुभारंभ पर भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे।

बागापार में भव्य कलश यात्रा का आयोजन
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद के बागापार टोला बरइठवा में नवरात्रि के प्रथम दिन आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्री श्री शतचंडी महायज्ञ के शुभारंभ पर भव्य कलश यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के गांवों से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
जानकारी के अनुसार कलश यात्रा में बरईठवा, कोदईपुर, लक्ष्मीपुर, रामपुर, बलरामपुर और बाहेरवा सहित कई गांवों के लोग उत्साह के साथ शामिल हुए। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर पूरे विधि-विधान से यात्रा में भाग लिया, वहीं युवाओं और बच्चों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
जानकारी के मुताबिक, कलश यात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय रहा। जगह-जगह डीजे, नाच-गाना, ट्रैक्टर-ट्रॉली और मोटरसाइकिलों की लंबी कतार देखने को मिली। श्रद्धालु जयकारों के साथ पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंगते नजर आए। यात्रा के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी स्थानीय स्तर पर तैयारियां की गई थीं।
गौरतलब है कि बागापार क्षेत्र में वर्ष 2000 से लगातार श्री श्री शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। पिछले 26 वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को लेकर क्षेत्रवासियों में गहरी आस्था और उत्साह बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, इस आयोजन को लेकर पूरे गांव में खुशी और उत्सव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम न केवल आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देते हैं। बता दें कि आज से नवरात्रि प्रारंभ हो गया है। लोग बड़ी आस्था और भक्ति के साथ मंदिर में पूजा और अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।
वहीं चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन आद्रवन स्थित सुप्रसिद्ध मां लेहड़ा देवी धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं “जय माता दी” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा के लिए हजारों श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। महिलाएं,पुरुष,बच्चे और बुजुर्ग, हर वर्ग के लोग माता के दर्शन के लिए उमड़े। कई भक्त रात से ही लाइन में लग गए थे,ताकि सुबह सबसे पहले दर्शन कर सकें।