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एनटीपीसी में 12 टन का कोयले से भरा बंकर गिरा (Img- Dynamite News)
Raebareli: रायबरेली के ऊंचाहार स्थित एनटीपीसी परियोजना में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां यूनिट नंबर पांच में कोयले से भरा करीब 12 टन वजनी बंकर अचानक टूटकर नीचे गिर पड़ा। बंकर गिरने से तेज धमाका हुआ और आसपास राख का गुबार फैल गया।
घटना इतनी अचानक हुई कि परियोजना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी मजदूर के घायल होने की सूचना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक रविवार रात जिस स्थान पर बंकर गिरा, वहां कुछ समय पहले तक श्रमिक काम कर रहे थे। घटना से कुछ मिनट पहले ही उनकी शिफ्ट बदली थी। इसी वजह से मजदूर बंकर की चपेट में आने से बच गए। यदि शिफ्ट बदलने में थोड़ी भी देरी होती, तो बड़ा नुकसान हो सकता था। हादसे के बाद परियोजना प्रबंधन में हलचल तेज हो गई और घटना के कारणों को लेकर सवाल उठने लगे।
बताया जा रहा है कि एनटीपीसी की यूनिट नंबर पांच को वार्षिक अनुरक्षण कार्य के लिए 24 अगस्त को बंद किया गया था। इसके बाद दो अक्टूबर को यूनिट को दोबारा चालू किया गया। यूनिट शुरू होने के कुछ समय बाद ही बंकर के फीडर में यांत्रिक खराबी सामने आने की बात कही जा रही है। इस घटना ने अनुरक्षण कार्य और मशीनों की तकनीकी जांच को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
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एनटीपीसी की जनसंपर्क अधिकारी प्रिय कुमारी ने फोन पर बताया कि यूनिट नंबर पांच के बंकर के एक फीडर में यांत्रिक खराबी आई थी। उन्होंने कहा कि खराबी को नियंत्रित कर लिया गया है और तकनीकी विशेषज्ञ मरम्मत के काम में जुटे हैं। फिलहाल प्रबंधन की ओर से तकनीकी समस्या को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के बाद प्रभावित हिस्से की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
हादसे के बाद एहतियातन घटनास्थल पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करते हुए संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है।
फिलहाल बंकर टूटने की सटीक वजह सामने नहीं आई है। तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह घटना किस कारण हुई और इसमें किन परिस्थितियों की भूमिका रही।
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बंकर गिरने के बाद वार्षिक अनुरक्षण में संभावित लापरवाही और अनियमितताओं को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही घटना की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि भारी बंकर गिरने के बावजूद किसी श्रमिक के इसकी चपेट में आने की सूचना नहीं मिली।
Location : Raebareli
Published : 20 October 2026, 11:31 AM IST