‘नेपाल के उस खौफनाक मंजर से मौत को मात’; क्या सचमुच पशुपतिनाथ के उस बुलावे ने बचा ली सैकड़ों श्रद्धालुओं की जान?

नेपाल में आई आपदा के बाद पशुपतिनाथ दर्शन और शिवमहापुराण कथा के लिए गए 104 श्रद्धालु सकुशल भारत लौट आए। तेज बारिश और बाढ़ से रास्ते बंद हो गए थे और परिजनों से संपर्क टूट गया था।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 29 August 2026, 6:00 PM IST

Chandauli: नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश के बीच फंसे 104 श्रद्धालु सकुशल भारत लौट आए हैं। पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन और शिवमहापुराण कथा में शामिल होने के लिए नेपाल गए श्रद्धालु अचानक बिगड़े मौसम और बाढ़ जैसी स्थिति के कारण वहां फंस गए थे। कई इलाकों में तेज बारिश के चलते रास्ते बंद हो गए, जबकि मोबाइल फोन बंद होने के कारण यात्रियों का अपने परिजनों से संपर्क भी टूट गया था।

श्रद्धालुओं के सकुशल भारत लौटने पर उनके परिवारों ने राहत की सांस ली। नेपाल से भारत पहुंचने के बाद यात्रियों को विशेष व्यवस्था के तहत पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर सहायता उपलब्ध कराई गई।

तेज बारिश और बाढ़ से बंद हुए रास्ते

नेपाल से लौटे श्रद्धालुओं ने बताया कि आपदा के बाद वहां चारों तरफ डर और दहशत का माहौल था। लगातार तेज बारिश और बाढ़ के पानी के कारण कई रास्ते बंद हो गए थे, जिससे यात्रियों के सामने सुरक्षित स्थान तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया।

श्रद्धालुओं ने बताया कि खराब परिस्थितियों के दौरान मोबाइल फोन बंद हो जाने से उनका संपर्क अपने परिवारों से भी टूट गया था। इससे भारत में मौजूद परिजनों की चिंता बढ़ गई थी।

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मौत के मुंह से निकलकर वापस आए

नेपाल से लौटे कुछ यात्रियों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना किया। श्रद्धालुओं के अनुसार, बाढ़ और लगातार बारिश के बीच सुरक्षित स्थान तक पहुंचना आसान नहीं था।

यात्रियों ने कहा कि वे खुद को खुशकिस्मत मानते हैं कि सभी लोग सकुशल भारत वापस लौट आए। उन्होंने कहा कि ऐसा महसूस हुआ जैसे वे मौत के मुंह से निकलकर वापस आए हों।

नेपाल और बिहार प्रशासन ने की मदद

श्रद्धालुओं ने सुरक्षित वापसी में नेपाल प्रशासन, बिहार प्रशासन और सीतामढ़ी क्षेत्र के लोगों द्वारा किए गए सहयोग की सराहना की। यात्रियों के अनुसार, उन्हें नेपाल से भारत की सीमा तक पहुंचने में विभिन्न प्रशासनिक एजेंसियों और स्थानीय लोगों से मदद मिली।

उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में कई लोगों ने सहयोग कर यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

महाराष्ट्र सरकार के सहयोग पर जताया आभार

श्रद्धालुओं ने महाराष्ट्र सरकार के सहयोग के लिए भी आभार जताया। यात्रियों के अनुसार, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बातचीत की थी और उन्हें सुरक्षित वापस लाने का भरोसा दिलाया था।

श्रद्धालुओं ने कहा कि संकट के समय सरकार और प्रशासन की ओर से मिले सहयोग ने उनका मनोबल बढ़ाया।

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पीडीडीयू जंक्शन पर विशेष इंतजाम

नेपाल से लौटने के बाद महाराष्ट्र जा रहे श्रद्धालु पटना-कुर्ला ट्रेन से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पहुंचे। यहां पीडीडीयू रेल मंडल की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई।

जंक्शन पर यात्रियों को भोजन, नाश्ता और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई। साथ ही पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

डीआरएम बोले- यात्रियों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

पीडीडीयू नगर के डीआरएम उदय सिंह मीणा ने कहा कि नेपाल से लौट रहे श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं कीं।

उन्होंने बताया कि स्टेशन पर यात्रियों के लिए पेयजल, साफ-सफाई, सुरक्षा और खान-पान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि लंबे और कठिन सफर के बाद लौटे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

नेपाल की आपदा के बाद 104 श्रद्धालुओं की सकुशल वापसी ने उनके परिजनों को बड़ी राहत दी है। यात्रियों ने नेपाल, बिहार और भारत में सहयोग करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय लोगों का आभार जताते हुए कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में मिली मदद के कारण ही उनकी सुरक्षित वापसी संभव हो सकी।

Location :  Chandauli

Published :  29 August 2026, 4:56 PM IST