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शिवा मर्डर केस (Source Internet)
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित बालू अड्डा के पास अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर चिकन कारोबारी शिवा की मौत के मामले में कई सवाल अब भी अनसुलझे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शिवा के शरीर पर 10 गंभीर चोटें मिलने की बात सामने आई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि पहले शिवा की पिटाई की गई और फिर उसे चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। पुलिस मामले की जांच करते हुए आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, शिवा के शरीर पर मिली चोटें किसी कठोर वस्तु से लगने की आशंका जताती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चोटों के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे सदमा लगने के कारण उसकी मौत हो गई। सभी चोटें मौत से पहले लगी थीं और मृत्यु के बाद चोट लगने के निशान नहीं मिले।
रिपोर्ट में चोट लगने और मौत के बीच का सटीक समय स्पष्ट नहीं हो सका है। वहीं, चौथी मंजिल से गिरने के दौरान फर्श से टकराने के कारण शरीर पर रगड़ के निशान मिलने की बात भी सामने आई है।
शिवा की मां रंजना ने श्रद्धा, उसकी बहन और अन्य आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि आरोपियों ने पहले उनके बेटे की बेरहमी से पिटाई की और फिर उसे अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से नीचे फेंक दिया।
हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। रविवार को फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने फ्लैट में रहने वाले लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद शिवा अर्द्धनग्न अवस्था में था और उसके शरीर पर लिपस्टिक के निशान दिखाई दे रहे थे। पुलिस इन जानकारियों सहित घटनास्थल से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
शिवा की मां रंजना का आरोप है कि श्रद्धा अपनी पहुंच का हवाला देकर उनके बेटे को जेल भिजवाने की धमकी देती थी। उनका दावा है कि श्रद्धा के कई नेताओं, अधिकारियों और खिलाड़ियों से संबंध थे और इसी बात का दबाव बनाकर शिवा को कथित तौर पर ब्लैकमेल किया जाता था।
जानकारी के मुताबिक, शिवा पहले विभूतिखंड में एक कैफे के बाहर गोली चलाने के मामले में जेल जा चुका था। परिजनों का आरोप है कि दोबारा जेल जाने के डर का फायदा उठाकर उसे धमकाया जाता था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
इंस्पेक्टर विक्रम सिंह के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का कहना है कि श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि एक साथ हैं, जबकि अन्य आरोपियों की लोकेशन अलग-अलग मिली है।
एक पुलिस टीम श्रद्धा के मूल जिले रायबरेली में दबिश दे रही है। इसके अलावा आरोपियों को कथित तौर पर मदद पहुंचाने वालों की भी पहचान की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड से भी कुछ अहम सुराग मिले हैं।
पुलिस ने अवध ग्रीन अपार्टमेंट और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। जांच के दौरान एक सफेद रंग की ऑडी कार घटना के करीब 15 मिनट बाद वहां आती और फिर वापस जाती दिखाई दी। बताया गया है कि कार पर सचिवालय का पास लगा था।
पुलिस अब फुटेज के जरिए घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने और कार की पहचान करने में जुटी है। सीसीटीवी में कुछ आरोपी भी दिखाई देने की बात सामने आई है। हालांकि, कार किसकी थी और उसका घटना से कोई संबंध है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपियों तक कब पहुंचती है और शिवा की मौत के पीछे की पूरी कहानी कैसे सामने आती है।
Location : Lucknow
Published : 12 October 2026, 10:10 AM IST