लखनऊ के मोहनलालगंज में धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश, सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

लखनऊ के मोहनलालगंज में बीमारी, शादी और संतान का लालच देकर हिंदुओं का धर्मांतरण कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने मास्टरमाइंड डेनियल उर्फ बाला सुब्रह्मण्यम समेत 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है।

Updated : 12 October 2026, 9:52 AM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में धर्मांतरण का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में गहन छानबीन के बाद सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस जांच में यह बात स्पष्ट हुई है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहा था।

बीमारी के इलाज से लेकर शादी तक का लालच

पुलिस की विवेचना में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह लोगों को विभिन्न प्रकार के लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। इस रैकेट द्वारा दिए जाने वाले मुख्य प्रलोभनों में शामिल थे-

  • गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज कराना
  • संतान सुख की प्राप्ति का झूठा आश्वासन देना
  • आर्थिक सहायता और प्रॉपर्टी का लालच देना
  • बच्चों की अच्छी शिक्षा का प्रबंध करना
  • युवक-युवतियों का विवाह कराने की पेशकश करना

जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि गौरा, ज्योतिनगर, भदेसुवा, फुलवरिया और भरसवां जैसे ग्रामीण इलाकों में यह गिरोह सक्रिय था। आरोपी रात के समय गुप्त बैठकें करते थे और लोगों को बरगलाकर 'गुप्त ईसाई' (क्रिप्टो क्रिश्चियन) बनाते थे। हैरानी की बात यह है कि गिरोह तुरंत नाम बदलने का दबाव नहीं डालता था, बल्कि योजना के तहत एक पीढ़ी के बाद दूसरी या तीसरी पीढ़ी को पूरी तरह ईसाई बनाकर उनका नाम परिवर्तित किया जाता था।

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23 जुलाई को ऐसे हुआ था रैकेट का खुलासा

इस अवैध धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ 23 जुलाई की रात को हुआ, जब भरसवां गांव में एक चार पहिया वाहन से कुछ लोग पहुंचे। ये लोग ग्रामीणों पर ईसाई धर्म अपनाने का लगातार दबाव बना रहे थे।

इस घटना के बाद गांव के ही अमित कुमार ने साहस दिखाते हुए पुलिस से इसकी शिकायत कर दी, जिसके बाद मौके पर काफी हंगामा हुआ था। अमित की तहरीर पर मोहनलालगंज थाने में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके नाम चंद्रभान, उसकी पत्नी आरती, सीमा, गिरोह का सरगना डेनियल और उसकी पत्नी सुबला, शीला तथा अजय रावत हैं।

प्रेम प्रसंग से शुरू हुई थी सरगना डेनियल की कहानी

इस पूरे धर्मांतरण रैकेट का सरगना डेनियल है, जिसकी पृष्ठभूमि बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली है। पुलिस की छानबीन में सामने आया कि डेनियल का बचपन का नाम बाला सुब्रह्मण्यम था।

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जब वह महज 16 वर्ष का था, तब उसकी मुलाकात कन्याकुमारी की रहने वाली एक ईसाई लड़की सुबला से हुई। बाला सुब्रह्मण्यम को उससे प्रेम हो गया और उसने शादी का प्रस्ताव रखा। इस पर सुबला ने शर्त रखी कि यदि वह अपना धर्म बदलकर ईसाई बनेगा, तभी वह उससे विवाह करेगी। प्यार में आकर बाला सुब्रह्मण्यम ने अपना धर्म परिवर्तन कर लिया और अपना नाम बदलकर डेनियल रख लिया। इसके बाद, वर्ष 1998 में वह सुबला के साथ लखनऊ आ गया और यहां आकर ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार की आड़ में इस अवैध धर्मांतरण गिरोह का संचालन करने लगा।

Location :  Lucknow

Published :  12 October 2026, 9:52 AM IST

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