मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय जालसाज़ गिरोह का पर्दाफाश किया है। एक संगठित गिरोह है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वाहनों को फाइनेंस पर खरीदने के बाद उन्हें बेचकर मोटा मुनाफा कमाकर फाइनेंस कंपनियों को चूना लगाने का काम करता था।

फाइनेंस कंपनियों के साथ फर्जावाड़ा गिरोह का खुलासा
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस ने एक अंतरराज्यीय जालसाज़ गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से पुलिस ने तकरीबन एक करोड़ 15 लाख रुपयों के चार ट्रक, दो मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन, 5 लाख कैश और बड़ी मात्रा में फर्जी डॉक्यूमेंट भी बरामद किए हैं।
बताया जा रहा है कि ये एक संगठित गिरोह है जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वाहनों को फाइनेंस पर खरीदने के बाद उनके इंजन ओर चेसिस नंबर बदलकर उनके रजिस्ट्रेशन अरुणाचल प्रदेश से कराकर उन्हें बेचकर मोटा मुनाफा कमाकर फाइनेंस कंपनियों को चूना लगाने का काम करता था।
दरसअल बुढाना कोतवाली पुलिस को मुखबीर द्वारा सूचना प्राप्त हुई थी कि एक अंतरराज्यीय गैंग क्षेत्र में सक्रिय है जो चोरी और फाइनेंस के नए पुराने वाहनों को खरीद कर उनके इंजन व चेसिस नंबर बदलकर दूसरे राज्यों से इन वाहनों के फर्जी कागज तैयार कर मार्केट में इन वाहनों को बेचने का काम किया करता है।
अभियुक्तों की निशानदेही पर चार ट्रक बरामद
पुलिस जब रविवार रात खतौली तिराहे पर आने जाने वाहनों की चेकिंग कर रही थी तो उसी दौरान एक तेज गति से आते ट्रक को जब पुलिस ने टॉर्च देकर रुकने का इशारा किया तो ट्रक ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाते हुए भागने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने ट्रक का पीछा कर उसे रोक लिया।
ट्रक से पुलिस ने मेहरबान और अफजल नाम के दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जिनकी निशानदेही पर पुलिस ने एक करोड़ 15 लाख रुपए के चार ट्रक, दो मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन, 5 लाख कैश, 8 फर्जी आधार कार्ड, 6 आरसी और एक फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की है।
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अभियुक्तों से कैश और अवैध सामग्री बरामद
पुलिस गिरफ्त ने आए इन अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान बताया है कि उनका एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जो फर्जी कागजों पर फाइनेंस के नए और पुराने वाहन को खरीद कर उनके इंजन और चेचिस नंबर बदलकर अरुणाचल प्रदेश से नए डॉक्यूमेंट तैयार कर उन्हें मार्केट में बेचने का काम किया करता था ।
एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि बुढाना पुलिस को एक टिप ऑफ मिलता है कि इसमें फाइनेंस की गाड़ियों को उनका इंजन नंबर चेसिस नंबर बदलकर नए कागज बनाकर के अरुणाचल जैसे प्रदेश में उनका रजिस्ट्रेशन कर करके फाइनेंस की जो गाड़ियां होती हैं चाहे चोरी की गाड़ियां होती हैं उनको ले जाकर के वह वहां पर आरसी बनवा लेते हैं कागज बनवा लेते हैं।
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गैंग के दो लोग पकड़े गए हैं मेहरबान और अफजाल। पुलिस ने संबंधित धाराओ में मामला दर्ज किया है। दोनों को विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मेहरबान नाम का जो है वह एक मदरसे में टीचिंग का काम भी करता है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि 5-6 वर्षों से यह काम कर रहे थे लेकिन अभी पकड़ में आए हैं।