मुजफ्फरनगर में बीएसए कार्यालय पर सैकड़ों शिक्षकों ने मांगों को लेकर धरना दिया। आधी रात राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल पहुंचे और बीएसए की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए डीएम को जांच व कार्रवाई के निर्देश दिए। आश्वासन पर धरना दो दिन के लिए स्थगित।

आधी रात मंत्री की दस्तक (Img- Internet)
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर विभिन्न मांगों को लेकर सैकड़ों शिक्षक धरने पर बैठ गए। देर रात करीब 12 बजे प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल अचानक धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
शिक्षकों से चर्चा के बाद मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बीएसए की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह कार्यालय आए दिन विवाद और धरने का केंद्र बनता जा रहा है, जिससे विभाग और शासन की छवि प्रभावित हो रही है। मंत्री ने तत्काल जिलाधिकारी को फोन कर पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार, सैकड़ों शिक्षक मंगलवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे थे। उनका कहना था कि बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार द्वारा प्रत्येक शिक्षा समीक्षा को निलंबित किए जाने के विरोध में वे ज्ञापन सौंपना चाहते थे। शिक्षकों का आरोप है कि बीएसए न तो बाहर आए और न ही उन्होंने ज्ञापन स्वीकार किया। यहां तक कि पांच प्रतिनिधियों को वार्ता का समय भी नहीं दिया गया। शाम करीब 6 बजे अधिकारी कार्यालय से चले गए, जिसके बाद ज्ञापन कार्यक्रम धरने में बदल गया।
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मंत्री के हस्तक्षेप के बाद शिक्षकों ने दो दिन के लिए धरना स्थगित करने की घोषणा की। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें मंत्री के आश्वासन और जिलाधिकारी द्वारा जांच के निर्देश पर भरोसा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी जातीय आधार पर नहीं है। कुछ संगठनों द्वारा अलग-अलग धरने की बातों को खारिज करते हुए शिक्षकों ने कहा कि “हमारी जाति शिक्षक है” और वे समाज में किसी प्रकार का विभाजन नहीं होने देंगे।
धरने के दौरान शिक्षकों ने भोजन माताओं के भुगतान में देरी, विक्रय सामग्री की समय पर आपूर्ति न होने और अन्य प्रशासनिक समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। मंत्री ने कहा कि उन्हें इन समस्याओं की जानकारी है और जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे सभी बिंदुओं पर गंभीरता से सुनवाई करें।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि यदि जांच में बीएसए की लापरवाही सामने आती है तो शासन स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी की जिम्मेदारी है कि कार्यालय को विवाद का अखाड़ा बनने से रोके और अपने वरिष्ठ अधिकारियों को समय रहते स्थिति से अवगत कराए। फिलहाल शिक्षकों का धरना दो दिन के लिए टल गया है, लेकिन सभी की नजरें अब जिला प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।