गाजियाबाद के मां-बेटे समेत 4 लोगों की मसूरी में मौत, परिवार में रह गईं सिर्फ 2 बेटियां और पिता

उत्तराखंड के मसूरी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में गाजियाबाद की सविता, उनके इकलौते बेटे मनीत समेत चार लोगों की मौत हो गई। घर लौटने की सूचना देने के महज 15 मिनट बाद हादसा हुआ। आईपीएस बनने का सपना देखने वाले मनीत की मौत से परिवार और इलाके में शोक की लहर है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 11 June 2026, 7:53 AM IST

Ghaziabad: उत्तराखंड के मसूरी में हुए भीषण सड़क हादसे ने गाजियाबाद के एक परिवार की खुशियां छीन ली। खाई में कार गिरने से प्राणगढ़ी निवासी सविता और उनके इकलौते बेटे मनीत समेत 4 लोगों की मौत हो गई। हादसे से परिवार सदमे में है। जिस बेटे का सपना आईपीएस अधिकारी बनने का था, उसकी जिंदगी एक पल में खत्म हो गई।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

उत्तराखंड के मसूरी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने गाजियाबाद के एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। प्राणगढ़ी निवासी सविता और उनके इकलौते बेटे मनीत की कार खाई में गिरने से मौत हो गई। इस हादसे में कुल चार लोगों की जान गई है। परिवार को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब सविता ने सुबह फोन कर घर लौटने की जानकारी दी और कुछ ही मिनट बाद दुर्घटना की सूचना पहुंच गई।

Ghaziabad News: मर्सिडीज कार के मालिक ने नगर निगम को भेजा 10 लाख का नोटिस, कारण जान उड़ जाएंगे आपके होश

15 मिनट पहले की थी परिवार से बात

परिजनों के मुताबिक, बुधवार को सविता ने फोन कर बताया था कि वह घर के लिए निकल चुकी हैं और जल्द ही पहुंच जाएंगी। परिवार उनके लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन कॉल समाप्त होने के करीब 15 मिनट बाद हादसे की खबर पहुंची। सूचना मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों में चीख-पुकार मच गई।

रिश्तेदारों के साथ घूमने गई थी सविता

बताया गया कि धर्मवीर की पत्नी सविता अपने बेटे मनीत, मौसी संगीता और एक अन्य रिश्तेदार के साथ मंगलवार को मसूरी घूमने गई थी। यात्रा के दौरान उन्होंने मंशा देवी मंदिर के दर्शन भी किए थे। बुधवार को सभी लोग वापस लौट रहे थे। इसी दौरान धनौलटी से झड़ीपानी मार्ग पर उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वाहन के ब्रेक फेल होने के बाद कार सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी।

इकलौते बेटे का सपना रह गया अधूरा

मनीत परिवार का इकलौता बेटा था और कक्षा 11वीं में पढ़ाई कर रहा था। परिजनों के अनुसार, वह पढ़ाई में अच्छा था और भविष्य में आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देख रहा था। उसकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। सविता भी बेटे को अपने से दूर नहीं रखती थी और दोनों के बीच बेहद गहरा लगाव था।

Ghaziabad News: गाजियाबाद की बदलेगी सूरत, नगर निगम ने लिया ये फैसला

परिवार में छाया मातम

सविता के पति धर्मवीर विजयनगर में एक इन्वर्टर-बैटरी दुकान पर काम करते हैं। परिवार में अब पिता धर्मवीर के साथ दो बेटियां भावना और कनिष्का ही रह गए हैं। हादसे की खबर के बाद बड़ी संख्या में रिश्तेदार और पड़ोसी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे। बुधवार देर रात तक परिवार मां-बेटे के शवों के गाजियाबाद पहुंचने का इंतजार करता रहा। पूरे इलाके में शोक का माहौल है और हर किसी की जुबान पर बस यही सवाल है कि कुछ मिनटों में एक खुशहाल परिवार की दुनिया कैसे उजड़ गई।

Location :  Ghaziabad

Published :  11 June 2026, 7:53 AM IST