Mirzapur Flood Alert: गंगा के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई दहशत! 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे बढ़ रहा पानी, विंध्याचल की पैड़ी डूबी

मिर्जापुर में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग के मुताबिक पानी 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। जलस्तर 73.68 मीटर पहुंच चुका है। विंध्याचल की निर्माणाधीन विंध्य की पैड़ी डूब गई है। प्रशासन ने जिले की 37 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर तटवर्ती इलाकों में अलर्ट बढ़ा दिया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 1 September 2026, 3:26 PM IST

Mirzapur: मिर्जापुर में गंगा का बढ़ता जलस्तर अब लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है। नदी लगातार ऊपर की ओर बढ़ रही है और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की नजरें गंगा के पानी पर टिकी हुई हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिले की 37 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और तटवर्ती इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।

सिंचाई विभाग के मुताबिक गंगा का जलस्तर फिलहाल 73.68 मीटर दर्ज किया गया है और पानी करीब 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हालांकि अभी गंगा चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन जिस रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है, उसने प्रशासन से लेकर नदी किनारे रहने वाले लोगों तक की बेचैनी बढ़ा दी है।

लगातार बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ाव की ओर है। सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार नदी का वर्तमान जलस्तर 73.68 मीटर पहुंच गया है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। यानी फिलहाल पानी चेतावनी बिंदु से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहता।

विंध्याचल में निर्माणाधीन विंध्य की पैड़ी डूबी

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर विंध्याचल में भी दिखाई देने लगा है। यहां निर्माणाधीन विंध्य की पैड़ी पूरी तरह पानी में डूब गई है। गंगा का पानी लगातार ऊपर आने के साथ घाट क्षेत्र में भी हालात पर नजर रखी जा रही है। विंध्याचल धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण स्थान है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन के सामने श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती है।

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प्रशासन की बढ़ी निगरानी

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले की सभी 37 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया है। इन चौकियों के जरिए तटवर्ती इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि अगर जलस्तर में अचानक तेजी आती है या किसी इलाके में पानी पहुंचने की स्थिति बनती है तो लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

जिलाधिकारी खुद ले रहे हालात का जायजा

मिर्जापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार भी लगातार तटवर्ती और संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वह अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हालात की जानकारी ले रहे हैं। अधिकारियों का फोकस फिलहाल इस बात पर है कि बढ़ते जलस्तर के कारण किसी तरह की जनहानि न हो। इसके लिए तटवर्ती गांवों के लोगों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है।

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पूर्वांचल के कई जिलों में बढ़ी चिंता

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सिर्फ मिर्जापुर तक सीमित नहीं है। पूर्वांचल के कई जिलों में गंगा के किनारे बसे इलाकों में भी लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। वाराणसी, प्रयागराज, भदोही, चंदौली, गाजीपुर और बलिया जैसे जिलों में भी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ही प्रशासनिक मशीनरी भी सक्रिय हो गई है। निचले इलाकों और तटवर्ती गांवों में स्थिति पर नजर रखने के साथ लोगों को संभावित खतरे को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

अभी खतरे के निशान से नीचे है पानी

मिर्जापुर में गंगा का पानी फिलहाल खतरे के निशान से काफी नीचे है। वर्तमान जलस्तर 73.68 मीटर है, जबकि चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है। इसलिए अभी स्थिति को सीधे तौर पर बाढ़ की गंभीर स्थिति नहीं कहा जा सकता। लेकिन लगातार 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हो रही बढ़ोतरी प्रशासन के लिए चिंता का कारण जरूर है।

 

Location :  Mirzapur

Published :  1 September 2026, 3:26 PM IST