
बीएसपी प्रमुख मायावती (सोर्स- एक्स)
Ayodhya: अयोध्या के श्री राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उपजा विवाद अब उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया है। उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सभी विपक्षी राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की मांग की है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि इस मामले में शामिल लोगों को कतई बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी, गबन और हेरा-फेरी की खबरें बेहद गंभीर और चिंताजनक हैं। हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
मंगलवार को अपने ऑफिशियल X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने इस विवाद को सुलझाने के लिए एक महत्वपूर्ण सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे को लेकर किसी तरह की कोई शिकायत सामने न आए, इसके लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि देश के जो अन्य बड़े मंदिर हैं, वहां पर चढ़ावे के हिसाब-किताब के लिए जो पारदर्शी व्यवस्था लागू है, उसे अयोध्या में भी लागू करके इस मसले को हमेशा के लिए सुलझाया जाना ठीक होगा।
इसके साथ ही उन्होंने देश की राजनीतिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में राजनीति का अपराधीकरण, अपराध का राजनीतिकरण और धर्म का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।
अयोध्या में श्रीराम मन्दिर से चढ़ावे की हुई चोरी, ग़बन व हेराफेरी आदि करने की मीडिया में आएदिन क़िस्म-क़िस्म की आ रही ख़बरें अति-गम्भीर व चिन्तनीय। ऐसे लोग क़तई भी बख़्शे नहीं जाने चाहिये, लेकिन इस मामले का राजनीतिकरण करना भी ठीक नहीं।
साथ ही, अब यहाँ मन्दिर में श्रद्धा के…— Mayawati (@Mayawati) June 30, 2026
Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नया मोड़, SIT करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
राम मंदिर चढ़ावे का यह मुद्दा तब गरमाया जब समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे प्रमुखता से उठाया। विपक्ष के हमलवार रुख को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने मामले की जांच के लिए तुरंत एक एसआईटी (SIT) का गठन किया। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एफआईआर दर्ज की गई और अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
बढ़ते विवाद के बीच इस मामले में बड़े इस्तीफे भी देखने को मिले हैं। चढ़ावे को लेकर विवाद बढ़ने के बाद चंपत राय को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव के पद से इस्तीफा देना पड़ा है। उनके साथ ही ट्रस्ट के एक अन्य सदस्य अनिल मिश्रा को भी अपना पद छोड़ना पड़ा।
Location : Ayodhya
Published : 30 June 2026, 1:43 PM IST