बेटे को बचाने नाले में कूदा पिता, फिर खुद नहीं लौट सका! 22 घंटे बाद मिला रामकिशोर का शव

हमीरपुर के मौदहा में बेटे को डूबता देख पिता ने बिना देर किए तेज बहाव वाले नाले में छलांग लगा दी। ग्रामीणों ने बच्चे और एक अन्य व्यक्ति को तो रस्सी के सहारे बचा लिया, लेकिन पिता पानी के बहाव में बह गया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 13 September 2026, 1:46 PM IST

Hamirpur: मौदहा कोतवाली क्षेत्र के उरदना गांव में शुक्रवार को श्याम नाला में मछली पकड़ने के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। 10 वर्षीय बेटे को तेज बहाव में बहता देख पिता उसे बचाने के लिए नाले में कूद गया, लेकिन पानी के तेज बहाव की चपेट में आकर खुद बह गया। ग्रामीणों ने रस्सी की मदद से बच्चे और उसके साथ मौजूद एक अन्य व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रामकिशोर का पता नहीं चल सका।

घटना के करीब 22 घंटे बाद 45 वर्षीय रामकिशोर उर्फ डगरू का शव बरामद किया गया। हादसे के बाद उरदना गांव में शोक का माहौल है।

रपटा पार करते समय फिसला बेटे का पैर

उरदना निवासी रामकिशोर उर्फ डगरू (45) पुत्र भजनी, गनेशा (50) पुत्र रामरतन और रामकिशोर का 10 वर्षीय बेटा मोहित शुक्रवार को श्याम नाला में मछली पकड़ने के लिए गए थे। बताया गया कि तीनों रपटा पार कर रहे थे। इसी दौरान मोहित का पैर अचानक फिसल गया और वह तेज बहाव में बहने लगा। बेटे को पानी में बहता देखकर रामकिशोर उसे बचाने के लिए नाले में उतर गया। उसके साथ गनेशा भी बच्चे को बचाने के लिए पानी में पहुंच गया।

ये भी पढ़ें- रात के अंधेरे में चली गोलियां और खामोश हो गया देश का जवान, जानिए SSB कैंप की इस खौफनाक वारदात का सच

ग्रामीणों ने रस्सी डालकर दो लोगों को बचाया

मौके पर मौजूद दूसरे मछुआरों और ग्रामीणों ने जब दोनों को पानी में संघर्ष करते देखा तो तत्काल रस्सी की मदद से बचाव शुरू किया। ग्रामीणों ने रस्सी फेंककर मोहित और गनेशा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इसी दौरान नाले का तेज बहाव रामकिशोर को अपने साथ बहा ले गया। काफी प्रयास के बावजूद ग्रामीण उसे बचा नहीं सके। इसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और रामकिशोर की तलाश शुरू कर दी गई।

पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद गोताखोरों की मदद से नाले में रामकिशोर की तलाश शुरू की गई। पानी का बहाव तेज होने के कारण तलाशी अभियान में भी मुश्किलें सामने आईं। काफी तलाश के बाद करीब 22 घंटे बाद रामकिशोर का शव बरामद किया गया। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

ये भी पढ़ें- 15 साल की शादी, दो बेटियां और फिर अचानक घर छोड़ गई मां; पति ने प्रेमी पर लगाए गंभीर आरोप

पूर्व मंत्री ने परिजनों को बंधाया ढांढस

हादसे की जानकारी मिलने पर पूर्व मंत्री बादशाह सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और रामकिशोर के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। जिस बेटे को बचाने के लिए रामकिशोर ने अपनी जान की परवाह नहीं की, उसी घटना में उनकी मौत से परिवार और ग्रामीण सदमे में हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

Location :  Hamirpur

Published :  13 September 2026, 1:46 PM IST