कलयुग में बहू बन रही ‘श्रवण कुमार’, रिक्शा में बिठा सास को करा रही ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा

आज के समय में जहां परिवारों में अनबन बढ़ती जा रही है वहीं वृंदावन की एक बहू ने एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि बहू ने अपनी सास की अंतिम इच्छा पूरी करने के लिए ये अनोखा कदम उठाया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 June 2026, 1:57 PM IST

Mathura: उत्तर प्रदेश के मथुरा-वृंदावन से सेवा, श्रद्धा और पारिवारिक संस्कारों की एक बेहद अनोखी और भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आ रही है। सोशल मीडिया पर कलयुग की ‘श्रवण कुमार’ बनकर उभरी एक बहू अपनी बुजुर्ग सास की इच्छा पूरी करने के लिए उन्हें साधन में बैठाकर ब्रज चौरासी कोस की कठिन परिक्रमा करवा रही है।

सास की अंतिम इच्छा

भरतपुर (राजस्थान) और हरियाणा सीमा से जुड़े ब्रज मंडल में चल रही पावन चौरासी कोस की यात्रा के दौरान बुजुर्ग सासू मां (जिनकी उम्र करीब 85 से 90 बताई जा रही है) की दिल की ख्वाहिश थी कि वे अपने जीवन में एक बार भगवान श्रीकृष्ण की लीला स्थली की परिक्रमा करें। दरअसल, वृद्ध महिला की बढ़ती उम्र और अत्यधिक शारीरिक कमजोरी के कारण बुजुर्ग सास के लिए मीलों पैदल चलना पूरी तरह असंभव था। वहीं जब बहू को अपनी सास के मन की इस अधूरी इच्छा के बारे में पता चला, तो उसने बिना समय गंवाए इसे पूरा करने का प्रण कर लिया।

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बहू रिक्शा से करा रही परिक्रमा

वृद्ध महिला शारीरिक रूप से बहुत ही कमजोर हैं जिसके कारण लंबी दूरी को पैदल चलने में असमर्थ थी। लंबी दूरी को देखते हुए बहू ने अपनी सास को रिक्शे पर बैठाकर खुद उस रिक्शे को खींचते हुए ब्रज चौरासी कोस की कठिन परिक्रमा को आगे बढ़ाया है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक और अनोखा रूप

वहीं सोशल मीडिया पर एक और भावुक कर देने वाली वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें बहु अपनी बुजुर्ग सास को एक बड़े प्लास्टिक के टब में बैठाकर उसे अपने सिर पर उठाए पैदल चलती नजर आई। पथरीले रास्तों और तेज धूप में भी बिना थके बहू ने कई किलोमीटर तक इसी तरह सफर तय किया।

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सोशल मीडिया और समाज की प्रतिक्रिया

आज के दौर में जहां अक्सर सास-बहू के रिश्तों को विवाद और नोकझोंक के चश्मे से देखा जाता है, वहीं इस घटना ने समाज को एक नई दिशा दिखाई है। मथुरा-वृंदावन की गलियों में इस दृश्य को देखने वाले आम श्रद्धालु और स्थानीय लोग इन बहुओं के जज्बे, समर्पण और संस्कारों को देखकर भावुक हो रहे हैं और हर कोई इस बहू को दिल से सलाम कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे सनातन संस्कृति और माता-पिता के प्रति सम्मान का सबसे बड़ा उदाहरण मान रहे हैं।

Location :  Mathura

Published :  6 June 2026, 1:57 PM IST