बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र में पत्नी की कथित प्रताड़ना और पुलिसिया टॉर्चर से परेशान एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश की। गंभीर हालत में युवक को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मामले ने पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आग के हवाले करने की कोशिश
Budaun: एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां घरेलू कलह, कथित पुलिसिया टॉर्चर और सिस्टम से मिली निराशा ने एक शख्स को इस कदर तोड़ दिया कि उसने खुद को आग के हवाले करने की कोशिश कर डाली। वजीरगंज थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने न सिर्फ इलाके में सनसनी फैला दी है।
वजीरगंज थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 10 निवासी मनोज कुमार मिश्रा की जिंदगी बीते छह सालों से संघर्ष में गुजर रही थी। मनोज का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी नीतू मिश्रा उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करती चली आ रही है। नीतू मिश्रा, राजेश मिश्रा की पुत्री हैं और नदवारी गांव की रहने वाली हैं। मनोज का कहना है कि उसने कई बार पारिवारिक स्तर पर मामला सुलझाने की कोशिश की लेकिन हर बार उसे अपमान और मारपीट का सामना करना पड़ा।
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जब दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया
मनोज का आरोप है कि पत्नी और ससुराल वालों की प्रताड़ना से परेशान होकर वह पुलिस के पास गया, लेकिन वहां भी उसकी सुनवाई नहीं हुई। उल्टा, पुलिस पर ही उसने प्रताड़ित करने और दबाव बनाने जैसे आरोप लगाए हैं। मनोज का कहना है कि इसी मानसिक तनाव और बेबसी में उसने आत्मदाह जैसा खौफनाक कदम उठा लिया। गंभीर हालत में उसे पहले बदायूं जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से हालत नाजुक देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
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जांच की बात, लेकिन सवाल कायम
मामले में पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है और जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मनोज की हालत और उसके लगाए आरोपों ने पुलिस के इस बयान को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। स्थानीय लोग भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।