
कोर्ट
Gorakhpur : जिले में चार साल पुराने हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। गगहा थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुई हत्या के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद हत्या के मामले में लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया का अंत हो गया। दोनों दोषियों पर अदालत ने कुल 2 लाख 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत की गई लगातार निगरानी और प्रभावी पैरवी के बाद आया है। पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए मुकदमों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे अपराधियों को कानून के तहत कड़ी सजा मिल सके।
जानकारी के मुताबिक थाना गगहा में इस मामले को लेकर मुकदमा संख्या 324/2021 दर्ज किया गया था। इसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323, 504, 452 और 394 के तहत कार्रवाई की गई थी।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश-02, गोरखपुर के न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस और अभियोजन की ओर से की गई प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी माना।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और आर्थिक दंड भी लगाया।
दोषी पाए गए अभियुक्तों में हरीश पुत्र इंद्रपाल निवासी हासिमपुर, थाना देवबंद, जनपद सहारनपुर शामिल है। वह वर्तमान में गोरखपुर के थाना गगहा क्षेत्र में सुभाष प्रजापति, जगदीशपुर भलुआन के यहां रह रहा था।
दूसरे अभियुक्त के रूप में राजन तिवारी पुत्र रामआशीष तिवारी निवासी टाड़ा, थाना बड़हलगंज, गोरखपुर को दोषी ठहराया गया है।
पुलिस के अनुसार इस मामले में थाना गगहा के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से ADGC श्री रामप्रकाश सिंह ने भी मामले को मजबूती से रखा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गंभीर अपराधों में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन कनविक्शन के तहत आगे भी इसी तरह मुकदमों की समीक्षा और प्रभावी पैरवी जारी रहेगी।
Location : Gorakhpur
Published : 7 August 2026, 11:10 PM IST