गोरखपुर में दहेज हत्या के मामले में बड़ा अपडेट, पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 9 February 2026, 6:06 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रामराज (ससुर) और उनकी पत्नी किसमती (सास) पर नवविवाहिता की मौत को दहेज हत्या का रूप देने का आरोप है। यह गिरफ्तारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर महिला अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत हुई है।

पिपराइच थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 28/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85 (पति या ससुराल वालों द्वारा क्रूरता), 80(2) (दहेज मृत्यु), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने की मंशा से अपमान), 351(3) (आपराधिक धमकी) तथा दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने अभियुक्तों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गिरफ्तार अभियुक्त

रामराज पुत्र स्वर्गीय नायक, निवासी बरसैनी टोला उजरीपट्टी, थाना पिपराइच, जनपद गोरखपुर। किसमती पत्नी रामराज, निवासी बरसैनी टोला उजरीपट्टी, थाना पिपराइच, जनपद गोरखपुर।

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प्राप्त जानकारी अनुसार थाना पिपराइच क्षेत्र में एक महिला की अस्वाभाविक परिस्थितियों में मौत हुई थी, जिसे दहेज से जुड़ी क्रूरता और उत्पीड़न का परिणाम माना गया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 दहेज मृत्यु को परिभाषित करती है, जिसमें विवाह के सात वर्ष के भीतर यदि महिला की मौत जलने, शारीरिक चोट या असामान्य तरीके से होती है और दहेज की मांग के कारण क्रूरता साबित होती है, तो इसे दहेज हत्या माना जाता है। इसकी सजा न्यूनतम 7 वर्ष से आजीवन कारावास तक हो सकती है। धारा 85 महिलाओं के प्रति पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता (शारीरिक या मानसिक) को अपराध बनाती है, जबकि अन्य धाराएं चोट, धमकी और अपमान से संबंधित हैं। दहेज निषेध अधिनियम की धाराएं दहेज लेने-देने पर रोक लगाती हैं।

पुलिस टीम की भूमिका

इस सफल गिरफ्तारी में क्षेत्राधिकारी चौरी चौरा के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक पिपराइच के नेतृत्व में टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में उ0नि0 सचिन पाण्डेय, थाना पिपराइच , का0 राजाराम, थाना पिपराइच, का0 अशोक यादव, थाना पिपराइच, और म0का0 बीनू सिंह, थाना पिपराइच शामिल थे।

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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर डॉ कुस्तुभ ने महिला संबंधी अपराधों पर सख्ती बरतने और दोषियों को तुरंत सलाखों के पीछे पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में कोई भी ढील नहीं बरती जाएगी और जांच पूरी पारदर्शिता से की जा रही है। समाज में दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।

महिला सुरक्षा अभियान का हिस्सा

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस के महिला सुरक्षा अभियान का हिस्सा है, जो राज्य भर में प्रभावी ढंग से चलाया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई महिला दहेज या क्रूरता का शिकार हो रही है ।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 9 February 2026, 6:06 PM IST