राम मंदिर पर बैठक : पर्दे के पीछे क्या हुआ, जिसकी चर्चा बाहर नहीं आई… पढ़िए अंदर की कहानी

राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में चंदा प्रबंधन विवाद और SIT जांच के बीच बड़ा मंथन हुआ। चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा सबसे बड़ा मुद्दा रहा। बैठक में पारदर्शिता और सुधारों पर जोर दिया गया, जबकि अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 6 July 2026, 5:11 PM IST

Ayodhya : राम मंदिर परिसर में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब चंदा प्रबंधन और कथित गड़बड़ी यानी चंदा चोरी के आरोपों के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक बुलाई गई। यह बैठक न सिर्फ पहले से चल रही SIT जांच के कारण सुर्खियों में रही। इसमें ट्रस्ट के अंदर बड़े फैसलों के संकेत भी देखने को मिले। माहौल शुरू से ही गंभीर रहा और हर किसी की नजर सिर्फ एक ही सवाल पर थी। क्या बड़ा फैसला होगा?

बैठक की शुरुआत और माहौल

बैठक सोमवार को राम मंदिर परिसर में आयोजित हुई। यह SIT जांच से हड़कंप करीब आधे घंटे की देरी से शुरू हुई। शुरुआत में हालिया घटनाओं को लेकर शोक व्यक्त किया गया और इसके बाद पूरा माहौल गंभीर चर्चा में बदल गया। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बैठक का एजेंडा रखा और सभी सदस्यों को SIT की अंतरिम रिपोर्ट भी सौंपी गई।

SIT रिपोर्ट पर चर्चा

SIT रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रस्ट के सदस्यों ने जांच की स्थिति और वित्तीय मामलों पर विस्तार से बातचीत की। रिपोर्ट को सभी सदस्यों को पढ़ने के लिए दिया गया। जिसके बाद ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता और सख्ती बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया गया।

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सबसे बड़ा मुद्दा

बैठक का सबसे अहम मुद्दा चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर चर्चा रहा। दोनों ने पहले ही नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया था। हालांकि FIR में उनका नाम आरोपी के तौर पर नहीं है, लेकिन चंदा प्रबंधन से जुड़े सवालों ने उनकी भूमिका को चर्चा में ला दिया।

क्या इस्तीफा होगा स्वीकार?

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यह राय बनती दिखी कि ट्रस्ट की छवि बचाने के लिए बड़े बदलाव जरूरी हैं। इसी वजह से दोनों के इस्तीफे स्वीकार करने की दिशा में झुकाव देखा गया, हालांकि अंतिम आधिकारिक फैसला अभी सामने नहीं आया है।

उपस्थिति और स्थिति

बैठक में 14 में से 9 सदस्य मौजूद रहे जबकि 5 सदस्य अनुपस्थित रहे। चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं हुए। जिससे इस पूरे मामले को और संवेदनशील माना जा रहा है।

Location :  Ayodhya

Published :  6 July 2026, 5:05 PM IST