
प्रतीकात्मक छवि
Lucknow: उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था में लगातार सामने आ रही तकनीकी गड़बड़ियों पर अब बड़ा प्रशासनिक एक्शन शुरू हो गया है। यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मेरठ क्षेत्र में ट्रांसमिशन लाइन ब्रेकडाउन और बिजली आपूर्ति में लापरवाही के मामलों को गंभीरता से लेते हुए दो अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इस फैसले के बाद ऊर्जा विभाग में हड़कंप मच गया है।
निगम द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार अधिशासी अभियंता पारेषण मेरठ योगेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं अधिशासी अभियंता पारेषण पश्चिम गाजियाबाद राहुल को मेरठ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।
निगम प्रबंधन का कहना है कि बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दरअसल, बीते दिनों मेरठ क्षेत्र में 132 केवी ट्रांसमिशन लाइनों में लगातार तकनीकी खराबियां सामने आई थीं। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार 19 मई 2026 को 132 केवी मोदीनगर-2 कंकरखेड़ा लाइन ट्रिप हो गई थी। जांच में टावर संख्या 33 और 34 के बीच कंडक्टर टूटने की बात सामने आई।
इसके अगले ही दिन 20 मई को 132 केवी मोदीनगर-2 बेदवापुर लाइन भी ट्रिप हो गई। इस बार टावर संख्या 8 और 9 के बीच मिड स्पैन ज्वाइंट से कंडक्टर टूटने और टावर का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली।
निगम मुख्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि इन घटनाओं की सूचना समय पर उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई। साथ ही ब्रेकडाउन को ठीक करने में भी गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण कई घंटों तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।
जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया और अधीनस्थ अधिकारियों को भी समय से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
कार्रवाई के बाद ऊर्जा विभाग और ट्रांसमिशन निगम में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
Location : Lucknow
Published : 23 May 2026, 6:21 PM IST