
गांवों की सफाई व्यवस्था पर मंडराया संकट
महराजगंज: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेशभर में तैनात करीब चार हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने अब अपनी मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है।
स्वच्छता कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 3 सितंबर से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का पूरा काम ठप कर सामूहिक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 10 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारी पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को शासन और विभागीय अधिकारियों के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। लगातार उपेक्षा के चलते अब कर्मचारियों के सामने आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
11 साल से नहीं बढ़ा मानदेय, महंगाई ने बढ़ाई मुश्किलें
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में प्रदेश के विभिन्न जिलों और विकासखंडों में करीब चार हजार आउटसोर्स कर्मचारी लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। एसोसिएशन के मुताबिक इन कर्मचारियों के मानदेय में पिछले 11 वर्षों से कोई वृद्धि नहीं हुई है। दूसरी ओर महंगाई लगातार बढ़ती गई और कर्मचारियों की विभागीय एवं पारिवारिक जिम्मेदारियां भी बढ़ती चली गईं।
एसोसिएशन का दावा है कि सीमित मानदेय में बढ़ती जिम्मेदारियों का निर्वहन करना कर्मचारियों के लिए बेहद मुश्किल होता जा रहा है। संगठन ने यह भी कहा कि आर्थिक दबाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच कई कर्मचारी असमय दुनिया छोड़ चुके हैं और आए दिन किसी न किसी कर्मचारी के असमय निधन की खबर सामने आती रहती है।
एक मांग, लेकिन बड़ा आंदोलन
स्वच्छता कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आशीष मिश्रा ने बताया कि संगठन की मुख्य और एक सूत्रीय मांग है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय का निर्धारण राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की तर्ज पर किया जाए और मानदेय में वृद्धि की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक शासनादेश में राष्ट्रीय ग्रामीण
आजीविका मिशन की तर्ज पर मानदेय निर्धारण का प्रावधान है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की ऑपरेशनल गाइडलाइन में भी इसी तरह मानदेय निर्धारण का प्रावधान बताया गया है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय का नए सिरे से निर्धारण कर उसमें बढ़ोतरी की जा चुकी है, लेकिन स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में लंबे समय से कोई वृद्धि नहीं की गई।
कार्य बहिष्कार से कई योजनाओं पर पड़ सकता है असर
एसोसिएशन ने चेताया है कि यदि कर्मचारियों ने सामूहिक कार्य बहिष्कार किया तो इसका असर केवल स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तक सीमित नहीं रहेगा। विकासखंड स्तर पर तैनात खंड प्रेरक और डेटा एंट्री ऑपरेटर से स्वच्छ भारत मिशन के अलावा राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, डिजिटल लाइब्रेरी, अंत्येष्टि स्थल सहित अन्य विभागीय कार्य भी लिए जाते हैं।
इसी तरह जिला स्तर पर कार्यरत जिला कंसल्टेंट, योजना सहायक और जिला ऑपरेटर भी अपने निर्धारित कार्यों के अतिरिक्त कई अन्य विभागीय जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ऐसे में कर्मचारियों के काम से हटने पर पंचायती राज विभाग के साथ अन्य विभागों के कामकाज पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
स्वच्छ भारत मिशन की योजनाओं पर भी संकट का खतरा
एसोसिएशन का कहना है कि आंदोलन लंबा खिंचा तो स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो सकते हैं। खासकर गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाए रखने, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और ग्राम पंचायतों में प्रत्यक्ष स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने की प्रक्रिया पर इसका असर पड़ सकता है।
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संगठन ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है और इसे महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को साकार करने के उद्देश्य से आगे बढ़ाया गया। ऐसे में यदि हजारों कर्मचारी काम से हटते हैं तो मिशन के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों ने अब तक पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम किया है और कभी कार्य से पीछे नहीं हटे। लेकिन लंबे समय से मांगों की अनदेखी और अधिकारियों के कथित उपेक्षापूर्ण रवैये ने कर्मचारियों को अपनी चुप्पी तोड़ने और आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया है।
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अब निगाहें 3 सितंबर पर टिकी हैं। यदि सरकार और पंचायती राज विभाग ने उससे पहले कर्मचारियों की मांग पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया, तो प्रदेशभर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का काम प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 10 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी ने सरकार और विभाग के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
Location : Maharajganj
Published : 2 September 2026, 12:25 AM IST