नौतनवा में रसोई गैस की किल्लत ने आमजन की परेशानियां बढ़ा दी हैं। सड़क पर सिलेंडर लेने के लिए लगी लाइनों को पुलिस ने जब्त कर दिया। प्रशासन ने अब होम डिलीवरी अनिवार्य कर दी है, लेकिन उपभोक्ता समय पर डिलीवरी न मिलने और अतिरिक्त शुल्क वसूलने को लेकर नाराज हैं।

पुलिस ने जब्त किए कई सिलेंडर
Maharajganj: नौतनवा कस्बे में रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत अब गंभीर समस्या बन चुकी है। उपभोक्ताओं को समय पर होम डिलीवरी न मिलने के कारण वे सड़क पर लंबी लाइनें लगाकर सिलेंडर लेने को मजबूर थे, लेकिन प्रशासन की सख्ती ने इस पर रोक लगा दी है। मंगलवार रात से सैकड़ों लोग पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास सिलेंडर लेकर खड़े थे, जिसे पुलिस ने बुधवार सुबह जब्त कर लिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और सभी उपभोक्ताओं को तुरंत सिलेंडर हटाने का निर्देश दिया। पुलिस ने साफ कहा कि अब सड़क पर लाइन लगाने की अनुमति नहीं है और सभी को होम डिलीवरी के जरिए गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकांश लोगों ने सिलेंडर हटा लिए, लेकिन आधा दर्जन सिलेंडर वहीं पड़े रह गए। पुलिस ने इन सिलेंडरों को कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया। इस घटना से पूरे कस्बे में चर्चा का माहौल गर्म हो गया।
नौतनवा थाना अध्यक्ष पुरुषोत्तम राव ने बताया कि एसडीएम नौतनवा के निर्देश पर सड़क पर सिलेंडर लाइन लगाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जिन उपभोक्ताओं के सिलेंडर जब्त किए गए हैं, वे थाने में पासबुक दिखाकर अपना सिलेंडर वापस ले सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब केवल होम डिलीवरी व्यवस्था लागू रहेगी।
हालांकि, इस कार्रवाई से उपभोक्ताओं की नाराजगी और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि जब एजेंसी समय पर घर तक सिलेंडर नहीं पहुंचा रही, तो सड़क पर लाइन भी नहीं लगाने दी जा रही। ऐसे में रसोई कैसे चलेगी? कई परिवारों में भोजन बनाना मुश्किल हो गया है। उपभोक्ता गैस एजेंसी संचालकों, स्थानीय प्रशासन और सरकार पर भी सवाल उठा रहे हैं। गैस किल्लत का व्यापक असरनौतनवा में पिछले कई दिनों से गैस की कमी बनी हुई है। ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद डिलीवरी नहीं हो पा रही, जिसके चलते लोग गोदाम के बाहर लाइनें लगाने पर विवश थे।
गौरतलब है कि इससे ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं भी पैदा हो रही थीं। प्रशासन अब होम डिलीवरी को अनिवार्य बनाने पर जोर दे रहा है, लेकिन उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसियां अतिरिक्त शुल्क वसूल रही हैं और डिलीवरी में देरी हो रही है।