पिता की मौत के बाद घर में मातम, जेल में बंद बेटे के सामने अंतिम संस्कार को लेकर चिंता

महराजगंज में सोमवार को एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब राजमन साहनी ने घर पर अंतिम सांस ली। पिता की मौत से परिजन सदमे में हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब उनके बेटे बबलू को लेकर खड़ा हो गया है, जो करीब नौ साल से जेल में बंद है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 6 October 2026, 6:38 AM IST

Maharajganj: कोल्हुई थाना क्षेत्र के जिगिनिहा गांव में सोमवार को राजमन साहनी के निधन के बाद परिवार में मातम छा गया। करीब तीन बजे घर पर हुई उनकी मौत की खबर के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस बीच परिवार के सामने सबसे बड़ी चिंता उनके बेटे बबलू को लेकर है, जो करीब नौ वर्षों से जेल में बंद है।और उसपर कई मुकदमे दर्ज है।

नौ साल से जेल में बंद है बबलू

बताया जा रहा है कि बबलू सिद्धार्थनगर जिले के लोटन थाना क्षेत्र में दर्ज एक मुकदमे के मामले में करीब नौ वर्षों से जेल में बंद है। पिता के निधन के बाद अब परिवार चाहता है कि बबलू को अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर मिले, ताकि वह अपने पिता को अंतिम विदाई दे सके।

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बहन ने डीएम से लगाई गुहार

बबलू की बहन ने सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी से अपील की है कि उनके भाई को आवश्यक अनुमति दिलाकर जेल से बाहर लाया जाए, जिससे वह पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके। परिवार की इच्छा है कि पिता का अंतिम संस्कार उनके बेटे बबलू के हाथों ही कराया जाए।

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प्रशासन के फैसले पर टिकी नजर

परिवार की इस अपील के बाद अब सभी की नजर सिद्धार्थनगर जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी है। परिजनों को उम्मीद है कि इस भावुक पारिवारिक परिस्थिति को देखते हुए प्रशासन नियमानुसार बबलू को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति देने पर विचार करेगा। पिता के निधन के बाद परिवार की यह मांग अब गांव में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

Location :  Maharajganj

Published :  6 October 2026, 6:33 AM IST