यूपी के 200 मदरसों में मनमानी पर चला डंडा, आदेश के बाद भी बायोमीट्रिक हाजिरी न लगाने पर नोटिस जारी

उत्तर प्रदेश के अनुदानित मदरसों में आदेश के तीन महीने बाद भी बायोमीट्रिक हाजिरी न लगाने पर मदरसा शिक्षा परिषद ने सख्त रुख अपनाया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 22 September 2026, 5:07 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त मदरसों में आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने को लेकर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आदेश जारी होने के तीन महीने बाद भी लगभग 200 मदरसों में यह सिस्टम अभी तक लागू नहीं किया गया है। मदरसा शिक्षा बोर्ड ने इस मामले में संबंधित प्रबंधकों से स्पष्टीकरण मांगा है।

558 में से 200 मदरसों ने सिस्टम नहीं किया शुरू

राज्य के 558 सहायता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने के निर्देश जारी किए गए थे। जून 2026 में आदेश जारी होने के बावजूद कई संस्थानों में डिजिटल उपस्थिति अभी तक शुरू नहीं हुई है।

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प्रबंधकों से मांगा गया स्पष्टीकरण

मदरसा शिक्षा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने लगभग 200 मदरसों के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर जवाब मांगा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर सिस्टम लागू न करने पर नियमों के अनुसार संबंधित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

फर्जी उपस्थिति रोकने के उपाय

सरकार ने मदरसों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आधार-आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया। इस पहल का उद्देश्य काम पर आए बिना वेतन लेना, छात्रों की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना और छात्रवृत्ति से जुड़ी अनियमितताओं जैसी प्रथाओं को रोकना है।

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वेतन को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा

नई व्यवस्था के तहत, सहायता प्राप्त मदरसों में शिक्षकों और कर्मचारियों के उपस्थिति रिकॉर्ड डिजिटल रूप से रखे जाएंगे। इन रिकॉर्ड्स को वेतन भुगतान और अन्य सरकारी लाभों से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। बोर्ड द्वारा जारी नोटिस के बाद अब इन मदरसों को जल्द जवाब देना होगा। सिस्टम लागू न करने पर सरकारी सहायता और अन्य सुविधाओं पर असर पड़ सकता है।

Location :  Lucknow

Published :  22 September 2026, 5:07 PM IST