
अशोक बहार (Img: AI Generated)
Lucknow: लखनऊ में NEET UG-2026 की पुनर्परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र पर एक अनोखा नजारा देखने को मिला। जहां हजारों युवा अपने मेडिकल करियर का भविष्य तय करने पहुंचे थे, लेकिन भीड़ के बीच एक चेहरा ऐसा था जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह चेहरा था 69 साल के अशोक बहार का।
डॉक्टर बनने के अपने अधूरे सपने को पूरा करने के लिए जब उन्होंने परीक्षा केंद्र में कदम रखा, तो वह चर्चा का मुद्दा बन गए। उम्र के इस पड़ाव पर उनका यह जज्बा साबित करता है कि सपनों को जीने और सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
आलमबाग स्थित परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की लंबी कतार लगी थी। इसी बीच नीली शर्ट, जींस और काले चश्मे में आए अशोक बहार को देखकर कई छात्र दंग रह गए। इतना ही नहीं सुरक्षाकर्मियों की नजर भी उन पर टिक गई। कुछ देर के लिए ऐसा लगा मानो एग्जाम सेंटर किसी मोटिवेशन स्टोरी का प्लेटफॉर्म बन गया हो।
अंदर जाने से पहले सिक्योरिटी चेकिंग के दौरान उन्हें चश्मा, बेल्ट और घड़ी उतारने को कहा गया। इस पर उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि इन चीजों के बिना उन्हें असहज महसूस होता है। हालांकि परीक्षा नियमों का पालन करते हुए आखिरकार उन्हें अपना सामान बाहर रखना पड़ा।
बता दें कि एक प्रतिष्ठित कंपनी में हाई पोस्ट पर काम कर चुके अशोक ने मैनेजमेंट की पढ़ाई भी की है। उनके परिवार में कई सदस्य मेडिकल लाइन से जुड़े हैं, इसलिए उनका सालों से सपना था कि वह डॉक्टर बनें।
अशोक बहार का मानना है कि सीखने और आगे बढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। अगर मन बना ले तो जीवन का कोई भी पड़ाव नई शुरुआत बन सकता है। यही सोच उन्हें नीट परीक्षा केंद्र तक ले आई।
परीक्षा के बाद उन्होंने वरिष्ठ नागरिक अभ्यर्थियों के लिए विशेष आरक्षण की मांग उठाई। उनका तर्क है कि जीवन के इस पड़ाव पर भी पढ़ाई और नए करियर का सपना देखने वालों को अवसर मिलना चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है।
Location : Lucknow
Published : 21 June 2026, 5:29 PM IST
Topics : Lucknow News NEET UG re exam 2026 NTA UP News