‘15 करोड़ का डोनेशन, शेल कंपनियों का खेल’ आजम खान के जौहर ट्रस्ट पर ED का बड़ा शिकंजा

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ईडी की जांच में शेल कंपनियों के जरिए लगभग 15 करोड़ रुपये का संदिग्ध डोनेशन मिलने का खुलासा हुआ है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 August 2026, 12:17 PM IST

Lucknow: समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की जांच में पता चला है कि ट्रस्ट को कथित तौर पर शेल कंपनियों के ज़रिए लगभग 15 करोड़ रुपये का डोनेशन मिला था। यह पैसा जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़े कामों के लिए दिया गया था।

ED अब इस पूरी रकम के मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन के रास्ते) का पता लगा रही है। जांच एजेंसी उन कंपनियों और लोगों की पहचान करने पर काम कर रही है जो उस प्रक्रिया में शामिल थे जिसके ज़रिए यह पैसा ट्रस्ट तक पहुंचा।

कई शहरों के बिल्डरों की जांच

सूत्रों के मुताबिक, जांच में लखनऊ, दिल्ली, नोएडा और मुंबई के कई रियल एस्टेट डेवलपर्स की पहचान की गई है जिन्होंने ट्रस्ट को डोनेशन दिया था। ED अभी इन कंपनियों और उनसे जुड़े बिल्डरों की पहचान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद, इसमें शामिल लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है।

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अधिकारियों को शक है कि कुछ बिल्डरों ने दबाव में या बाहरी प्रभाव के कारण ट्रस्ट को पैसा दिया था। हालांकि, एजेंसी वित्तीय लेन-देन के दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।

450 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन की जांच

इससे पहले ED की जांच में जौहर ट्रस्ट से जुड़े लगभग 450 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का कोई हिसाब-किताब न होने की बात सामने आई थी। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रस्ट को मिले पैसे का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।

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पिछले हफ्ते ED ने जौहर ट्रस्ट से जुड़ी कई जगहों पर छापेमारी की थी। इन ऑपरेशन्स के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज और सुराग मिले।

डोनेशन की रसीदों और दानदाताओं की जांच

ED डोनेशन इकट्ठा करने के लिए इस्तेमाल की गई रसीदों की भी जांच कर रही है। ट्रस्ट के कर्मचारियों से मिली जानकारी के आधार पर, एजेंसी सरकारी अधिकारियों, निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों से इकट्ठा किए गए पैसे की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता चला है कि रामपुर के कुछ शिक्षण संस्थानों ने ट्रस्ट को लाखों रुपये का डोनेशन दिया था। ED अब इन संस्थानों से और पूछताछ कर सकती है। फिलहाल, एजेंसी ट्रस्ट को मिले पैसे के स्रोतों, शामिल कंपनियों की भूमिका और पूरे लेन-देन से जुड़े तथ्यों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

Location :  Lucknow

Published :  24 August 2026, 12:17 PM IST