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अलीगंज दर्दनाक अग्निकांड (Image Source: Twitter)
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस भयावह आग में 15 बेकसूर लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि लोगों ने जान बचाने के लिए खिड़कियों से छलांग लगा दी थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद सूबे के मुख्यमंत्री ने खुद अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और मामले की जांच के लिए 'विशेष जांच दल' (SIT) का गठन कर दिया। लेकिन जैसे ही एसआईटी ने जांच की कमान संभाली, इस 'काली इमारत' के मालिकों के ऐसे सफेदपोश काले कारनामे उजागर हुए हैं जिन्हें सुनकर हर कोई हैरान है।
जांच में सामने आया है कि जिस बहुमंजिला इमारत में यह खूनी खेल खेला गया, उसके मुख्य मालिक वीरेंद्र शुक्ला हैं। इस काले साम्राज्य में उनके भाई और को-ओनर सुरेंद्र शुक्ला भी बराबर के भागीदार हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन दोनों भाइयों का पुराना और विवादित इतिहास रहा है। इन्होंने प्रॉपर्टी के अवैध कारोबार के जरिए महज कुछ ही सालों में करोड़ों रुपये की अकूत संपत्ति खड़ी कर ली। आरोप है कि दोनों भाइयों ने भोले-भाले किसानों को डरा-धमकाकर और बहला-फुसलाकर बेहद औने-पौने दामों में उनकी कीमती जमीनें हथिया लीं और उन पर अवैध रूप से बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग का धंधा चमकाया।
इस खूनी इमारत के को-ओनर सुरेंद्र शुक्ला का नाता सिर्फ जमीनी घोटालों से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले शिक्षा माफियाओं से भी जुड़ा है। साल 2015 के बहुचर्चित कंबाइंड प्रीमेडिकल टेस्ट (CPMT) पेपर लीक कांड में सुरेंद्र शुक्ला का नाम मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल था। आरोप था कि उन्होंने अपनी बेटी को परीक्षा पास कराने और परीक्षा केंद्र पर वीआईपी सुविधाएं दिलाने के लिए पेपर लीक की पूरी स्क्रिप्ट लिखी थी। सुरेंद्र शुक्ला लखनऊ के एक नामचीन निजी संस्थान के चेयरमैन भी हैं, जिसके चलते उनका रसूख काफी ऊंचा था और उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में हाई-प्रोफाइल एफआईआर भी दर्ज हुई थी।
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25 मई 2015 को मेडिकल प्रवेश परीक्षा के दौरान, सुबह परीक्षा शुरू होने से ऐन वक्त पहले केंद्र के भीतर से प्रश्न पत्र की तस्वीरें खींचकर मुख्य हैंडलर को व्हाट्सएप पर भेजी गई थीं। उस वक्त पुलिस की स्पेशल टीम ने हजरतगंज में छापेमारी कर 12 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। हालांकि, मजबूत पैरवी और सबूतों के अभाव में सुरेंद्र शुक्ला उस वक्त कानूनी शिकंजे से बच निकले थे। लेकिन अब अलीगंज हादसे में 15 मासूमों की मौत के बाद प्रशासन का रुख बेहद कड़ा है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार न सिर्फ अवैध निर्माण बल्कि इन दोनों भाइयों के पुराने सभी घोटालों की फाइलें दोबारा खोली जाएंगी। अवैध रूप से खड़ी की गई इस बहुमंजिला इमारत को जल्द ही जमींदोज करने की तैयारी है।
Location : Lucknow
Published : 23 June 2026, 3:28 PM IST