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Noida: नोएडा के गढ़ी चौखंडी इलाके की एक महिला को बहलाकर प्रेम जाल में फंसाना, फिर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह करना का मामला मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। जिसके आदेश पर पुलिस ने तमिलनाडु के चेन्नई से महिला को सकुशल बरामद किया और आरोपी युवक सहित उसके परिवार के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मां ने लगाई थी बेटी की सुरक्षा की गुहार
घटना की शुरुआत तब हुई, जब पीड़िता की मां ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त 2025 को राजा मियां उर्फ एहसान हुसैन और उसके साथी जहीर बाबू उनकी बेटी को उसके घर से जबरन ले गए। महिला पहले से विवाहित है और उसका छह साल का बेटा भी है।
पीड़िता की मां को संदेह था कि उसकी बेटी को जबरन बंधक बना लिया गया है और उसके साथ कोई अनहोनी हो सकती है। हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया और नोएडा पुलिस को 8 सितंबर तक महिला को पेश करने का आदेश दिया।
चेन्नई से हुई बरामदगी, निकाह और धर्म परिवर्तन का खुलासा
फेज-तीन थाना पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की और उसे चेन्नई से बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राजा मियां, जो बिहार के सीवान जिले का निवासी है, ने महिला को प्रलोभन और धमकी देकर धर्म परिवर्तन कराया। महिला का नाम बदलकर ‘खुशबू खातून’ रख दिया गया और 1 मई 2025 को दोनों ने निकाह कर लिया।
महिला ने बयान दिया कि वह अब मुस्लिम बन गई है और शरिया कानून का ज्ञान ले रही है। लेकिन पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। निकाहनामे में महिला के पिता का नाम गलत लिखा गया था और आरोपी के परिजनों को महिला के रिश्तेदार बताकर धर्म परिवर्तन कराया गया था।
धोखाधड़ी में पूरा परिवार शामिल
पुलिस के मुताबिक आरोपी राजा मियां के साथ-साथ उसके पिता बिस्मिल्लाह मियां, मां अनीशा बेगम और भाई इरशाद ने भी इस साजिश में भाग लिया। महिला की फर्जी पहचान बनाकर उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया। साथ ही एक काजी मोहम्मद अजीमुद्दीन की भूमिका भी सामने आई है, जिसने यह निकाह संपन्न करवाया।
महिला का पहले से तलाक नहीं हुआ था और उसका बच्चा भी है, ऐसे में यह निकाह कानूनन मान्य नहीं है। पुलिस ने राजा मियां, उसके पिता और मां को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
कंपनी में नौकरी के दौरान हुई थी मुलाकात
आरोपी पिछले कुछ वर्षों से गाजियाबाद के बहरामपुर गांव में किराए पर रह रहा था और एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात महिला से हुई और फिर उसने धीरे-धीरे उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। कुछ समय पहले भी महिला ने अपने पति पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, लेकिन कोर्ट में बयान देकर वह घर लौट आई थी। कोर्ट ने उस वक्त राजा मियां को महिला के वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया था। अब हाईकोर्ट के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जा रही है, जबकि दो आरोपी इरशाद और काजी अजीमुद्दीन अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
Location : Noida
Published : 9 September 2025, 9:14 AM IST
Topics : High Court order love jihad noida news Noida police