ललिता गौतम हत्याकांड: मेरठ जा रहे कांग्रेस नेताओं को रोका, इमरान मसूद बोले- SSP को सस्पेंड करो, अब 27 जुलाई को दिल्ली में होगी जंग

मेरठ में एक संवेदनशील मामले को लेकर माहौल अचानक गरमा गया, जब पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नेताओं का काफिला बीच रास्ते रोक दिया गया। इसके बाद कई घंटे तक हाईवोल्टेज घटनाक्रम चलता रहा और फिर ऐसा ऐलान हुआ, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। आखिर हुआ क्या?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 8:07 AM IST

Meerut: दलित छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड को लेकर फिर मेरठ में माहौल गरमा गया। पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस सांसदों और विधायकों के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर रोक दिया। मौके पर करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस की कार्रवाई से नाराज कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद कांग्रेस ने 27 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान कर दिया।

टोल प्लाजा पर दो घंटे तक चला गतिरोध

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के नेतृत्व में सांसद, विधायक और पार्टी पदाधिकारी करीब 15 से 20 वाहनों के काफिले के साथ दिल्ली से मेरठ के लिए रवाना हुए थे। उनका कहना था कि वे केवल पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हाल जानना चाहते हैं। हालांकि, काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को रोक दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने नेताओं को टोल प्लाजा के एक कमरे में बैठा दिया। इस दौरान एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले कानून-व्यवस्था का हवाला देकर कांग्रेस नेताओं को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन प्रतिनिधिमंडल परिवार से मिलने की मांग पर अड़ा रहा।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में बालश्रम का मामला उजागर, रेस्क्यू के बाद खुल सकते हैं कई राज

इमरान मसूद ने उठाए कई सवाल

करीब दो घंटे बाद कांग्रेस नेता कमरे से बाहर आए और समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। सांसद इमरान मसूद ने कहा कि ललिता गौतम के साथ बेहद दुखद घटना हुई है, लेकिन उसके बाद पुलिस की कार्रवाई ने पूरे मामले को गलत दिशा में ले जाने का काम किया। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले और एसएसपी अविनाश पांडेय को निलंबित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

क्या है ललिता गौतम हत्याकांड?

टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए तृतीय वर्ष की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटीं। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में उनका शव मिला। परिजनों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जांच के दौरान मुख्य आरोपी अंकुश सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का ललिता से पहले से परिचय था और आपसी विवाद के चलते हत्या की गई।

यह भी पढ़ें-गोरखपुर में आखिर ऐसा क्या हुआ कि मामूली दुर्घटना बनी बड़ी वारदात

पहले भी प्रदर्शन के दौरान हुआ था विवाद

आठ जुलाई को परिजनों और समर्थकों ने मेरठ कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया था। उस दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय के प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारने और बाद में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का मामला भी काफी चर्चा में रहा था। उसी के बाद विवाद ज्यादा बढ़ गया।

Location :  Meerut

Published :  14 July 2026, 8:07 AM IST