
कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने विकास भवन में दो महत्वपूर्ण बैठकें कीं(Source: Dynamite News)
Kushinagar: जनपद में विकास की गति को नई ऊर्जा देने और मानसून पूर्व सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में दो अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठकें संपन्न हुईं। इन बैठकों के माध्यम से एक ओर जहाँ 'लखपति महिला कार्यक्रम' के तहत ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप तैयार किया गया, वहीं दूसरी ओर जनपद को बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य विकास के लाभ को अंतिम पायदान पर खड़ी महिला तक पहुँचाना और आपदा के समय हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद में चयनित महिलाओं को उनकी अभिरुचि के अनुसार कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम, हस्तशिल्प और खाद्य प्रसंस्करण जैसी आजीविका गतिविधियों से जोड़ा जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक महिला को स्थानीय संसाधनों के अनुरूप आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाए ताकि वे स्वरोजगार के क्षेत्र में दक्ष हो सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं की आर्थिक उन्नति ही ग्रामीण समाज की समृद्धि का आधार है।
जिलाधिकारी ने समूहों की वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए बैंक लिंकेज के माध्यम से समय पर ऋण उपलब्ध कराने और आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए उन्होंने एक व्यापक रणनीति पर जोर दिया, जिसके तहत स्थानीय बाजारों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सरकारी आयोजनों में अनिवार्य रूप से स्टॉल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल महिलाओं को उनके उत्पादों का सही मूल्य मिलेगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। जिलाधिकारी ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में पात्र महिलाओं का चयन कर उनकी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने और सफल महिलाओं की कहानियों को प्रचारित कर अन्य महिलाओं को प्रेरित करने का आह्वान किया।
बाढ़ की आशंकाओं के दृष्टिगत आयोजित स्टीयरिंग ग्रुप कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि जनपद में वर्तमान में संचालित सभी 11 बाढ़ बचाव निर्माण कार्यों को आगामी 15 जून तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को यह भी आदेश दिया कि सभी अवर अभियंताओं को फील्ड में सक्रिय किया जाए ताकि वे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति की दैनिक निगरानी कर सकें। उन्होंने प्रशासन की तत्परता को दोहराते हुए कहा कि वे स्वयं भी इन संवेदनशील क्षेत्रों और चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे ताकि मानसून से पहले सुरक्षा घेरा तैयार हो सके।
जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों को तत्काल क्रियाशील करने, संपर्क सूत्रों को सक्रिय रखने और ड्रेन सफाई कार्यों की विभागवार सूची मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से प्रस्तुत करने का आदेश दिया। बैठक के दौरान राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, पशुपालन और विद्युत सहित सभी संबंधित विभागों को बाढ़ के दौरान उनके दायित्वों के प्रति सचेत किया गया। जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य शुरू किया जा सके और जन-धन की सुरक्षा को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके।
Location : Kushinagar
Published : 30 April 2026, 11:23 PM IST