
पति के साथ प्रज्ञा सिंह (Img: Google)
Kanpur: केदारनाथ दर्शन से लौट रही कानपुर की प्रज्ञा सिंह अचानक चलती ट्रेन से लापता हो गईं। पति की आंख खुली तो सीट खाली थी, मोबाइल बंद था और आखिरी लोकेशन रेलवे ट्रैक के पास मिली। कई दिनों तक चले सस्पेंस के बाद जब प्रज्ञा मिलीं तो पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया।
कानपुर की रहने वाली प्रज्ञा सिंह के रहस्यमयी तरीके से लापता होने का मामला पिछले कई दिनों से चर्चा में बना हुआ था। उत्तराखंड से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। अब आखिरकार प्रज्ञा सुरक्षित मिल गई हैं। उनकी लोकेशन बिहार के बेगूसराय में मिली, जहां वह अपनी मौसी के घर पर मौजूद थीं।
प्रज्ञा के सुरक्षित मिलने के बाद उनके पति मनीष अग्रहरि और परिवार ने राहत की सांस ली है। हालांकि इस पूरे मामले ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब प्रज्ञा के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई जानने में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा में काम करने वाले मनीष अग्रहरि और प्रज्ञा सिंह ने हाल ही में लव मैरिज की थी। शादी के बाद दोनों भगवान केदारनाथ के दर्शन करने उत्तराखंड गए थे। दर्शन के बाद दोनों महानंदा एक्सप्रेस से वापस लौट रहे थे। शुरुआत में सफर सामान्य था, लेकिन रात होते-होते सबकुछ बदल गया। मनीष के अनुसार, यात्रा के दौरान उनकी आंख लग गई थी। जब कुछ देर बाद वह जागे तो प्रज्ञा सीट पर नहीं थीं।
पहले उन्हें लगा कि शायद वह वॉशरूम गई होंगी, लेकिन काफी देर बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटीं तो उनकी बेचैनी बढ़ गई। मनीष ने ट्रेन के कई डिब्बों में जाकर पत्नी की तलाश की। यात्रियों से पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
मामला तब और गंभीर हो गया जब पुलिस जांच में प्रज्ञा के मोबाइल की आखिरी लोकेशन उत्तराखंड के लक्सर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के किनारे मिली। इसके बाद उनका फोन लगातार बंद आने लगा। मोबाइल की इस लोकेशन ने परिवार और पुलिस दोनों की चिंता बढ़ा दी। परिवार को किसी अनहोनी का डर सताने लगा था। इसी बीच सोशल मीडिया पर भी मामला तेजी से वायरल हो गया और लोग तरह-तरह की आशंकाएं जताने लगे।
लक्सर पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सर्विलांस टीम और सीसीटीवी कैमरों की मदद से प्रज्ञा की तलाश की जा रही थी। हालांकि कई जगह कैमरे खराब होने के कारण जांच में दिक्कतें भी आईं।
पत्नी की तलाश में परेशान मनीष अग्रहरि ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और डीजीपी से मदद की गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि प्रज्ञा के पास न पैसे थे और न ही कोई सामान। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर वह बेहद डरे हुए थे। मनीष की भावुक अपील सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुई। कई लोग इस मामले में पुलिस से तेजी से कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
काफी तलाश के बाद पुलिस को प्रज्ञा की लोकेशन बिहार के बेगूसराय में मिली। वहां वह अपनी मौसी के घर पर सुरक्षित पाई गईं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि प्रज्ञा अपने पति से किसी बात को लेकर नाराज थीं। इसी नाराजगी में उन्होंने बिना बताए ट्रेन से उतरने और अकेले बिहार जाने का फैसला किया। हालांकि पुलिस अभी पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि करने से बच रही है।
प्रज्ञा के मिलने के बाद अब पुलिस उनका विस्तृत बयान दर्ज करेगी। अधिकारियों का कहना है कि बयान के बाद ही पूरे मामले की असली तस्वीर साफ हो पाएगी। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि प्रज्ञा ने ट्रेन से कहां और कैसे उतरने का फैसला लिया। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस दौरान उनके साथ कोई और व्यक्ति तो नहीं था।
Location : Kanpur
Published : 12 May 2026, 3:08 PM IST