
कानपुर लेंबोर्गिनी केस (Img: Google)
Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए चर्चित लेंबोर्गिनी हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा के खिलाफ 180 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। चार्जशीट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
8 फरवरी को ग्वालटोली क्षेत्र के वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार लेंबोर्गिनी कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया। कार ने पहले एक ई-रिक्शा चालक और फिर बुलेट सवार को टक्कर मारी, जिसके बाद वह फुटपाथ पर चढ़ गई। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद पीछे चल रही गाड़ियों में मौजूद बाउंसरों ने कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला। यह पूरा घटनाक्रम इलाके के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया।
पुलिस चार्जशीट में कुल 10 गवाहों को शामिल किया गया है। इनमें घायल तौफीक, बुलेट सवार सोनू त्रिपाठी, उनके रिश्तेदार विशाल, घटनास्थल के दुकानदार और शिवम मिश्रा के चार बाउंसर शामिल हैं। इसके साथ ही चार अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज को भी सबूत के तौर पर जोड़ा गया है। इन फुटेज में हादसे से पहले और बाद की पूरी गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं, कारों की मूवमेंट से लेकर हादसे के बाद की अफरा-तफरी तक।
मामले में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि हादसे के वक्त कार शिवम मिश्रा खुद चला रहा था। घटना के बाद उसके ड्राइवर मोहन लाल ने कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस जांच में यह साफ हो गया कि वह गाड़ी नहीं चला रहा था। चार्जशीट में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शिवम ने खुद को बचाने के लिए ड्राइवर को सामने लाने की कोशिश की थी।
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घटना के कुछ दिनों बाद शिवम मिश्रा के फरार होने की योजना भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, 12 फरवरी को वह एंबुलेंस के जरिए शहर से भागने की कोशिश कर रहा था। लेकिन पुलिस ने पहले से ही सादी वर्दी में नाकेबंदी कर रखी थी और उसे रास्ते में ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे जमानत मिल गई क्योंकि मामला जमानती धाराओं में दर्ज था।
Location : Kanpur
Published : 5 May 2026, 9:17 AM IST