नावों के सहारे जिंदगी, राशन को तरसे लोग और छतों पर बसे आशियाने! कानपुर के शुक्लागंज में बाढ़ का खौफनाक मंजर देख कांप उठेगा दिल

कानपुर के शुक्लागंज में गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। 26 गांव-मोहल्लों में पानी घुसने के बाद लोग नावों के सहारे आवाजाही कर रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 September 2026, 12:08 PM IST

Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। शुक्रवार शाम छह बजे केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक नदी का पानी 113.070 मीटर तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान 113 मीटर से सात सेंटीमीटर अधिक है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही शुक्लागंज के कई रिहायशी इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है।

26 गांव और मोहल्लों में घुसा पानी

बाढ़ का असर अब 26 गांवों और मोहल्लों तक पहुंच गया है। गांव सरैया, गगनीखेड़ा, फत्तेखेड़ा, हरिहरपुर, मझरा पीपरखेड़ा, मझरा पीपरखेड़ा गैर एहतमाली, निहालखेड़ा और कटरी समेत कई गांव प्रभावित हैं। वहीं शहरी क्षेत्र के मनोहर नगर, शक्ति नगर, इंद्रा नगर, रविदास नगर, श्रीनगर, ब्रह्मनगर कटरी, चंपापुरवा, तेजीपुरवा, कर्बला और हुसैन नगर के किनारे वाले हिस्सों में भी पानी भर गया है।

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नावों के सहारे जारी है लोगों का आवागमन

जलभराव के कारण प्रभावित इलाकों में सामान्य आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन ने लोगों की आवाजाही के लिए 56 नावें लगाई हैं। कई परिवारों के घरों में पानी पहुंचने के बाद उन्हें छतों पर रहने को मजबूर होना पड़ा है। लोग नावों के जरिए जरूरी काम और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी कर रहे हैं।

चार संपर्क मार्गों पर भी पानी

गगनीखेड़ा बैराज संपर्क मार्ग, फत्तेखेड़ा संपर्क मार्ग और एरा भदियार संपर्क मार्ग समेत चार रास्तों पर जलभराव हो गया है। इसके चलते इन मार्गों से आवागमन प्रभावित हुआ है और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

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राशन और पीने के पानी की समस्या

श्रीनगर में नायब तहसीलदार पूर्णिमा तिवारी ने नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और लोगों की समस्याएं सुनीं। स्थानीय लोगों ने नावों की संख्या बढ़ाने, बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने, साफ-सफाई कराने के साथ राशन और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। नायब तहसीलदार ने समस्याओं के जल्द समाधान का भरोसा दिया।

बाढ़ प्रभावितों के लिए लगाया गया शिविर

प्रशासन की ओर से श्रीनगर में शिविर लगाकर प्रभावित लोगों की समस्याएं दर्ज की गईं। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की निगरानी बनी हुई है। फिलहाल लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की जरूरत है।

Location :  Kanpur

Published :  12 September 2026, 12:08 PM IST