
कानपुर में ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा
Kanpur: केमिकल कारोबारियों के फर्मो की ऑनलाइन जानकारी जुटाकर ठगी का शिकार बनाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को कानपुर पुलिस व साइबर टीम ने मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर केमिकल सप्लाई के नाम पर करीब 18.31 लाख रुपये हड़पने का आरोप है।
शुरुआती जांच में सामने आया कि गिरोह फर्जी फर्मों और इनवॉइस के सहारे कारोबारियों का भरोसा जीतता था। इसके बाद भुगतान अपने खातों में मंगाकर ठगी को अंजाम देता था।
कानपुर के कारोबारी केमिकल सप्लायर विनीत माहेश्वरी के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक कारोबारी ने इंडिया मार्ट में केमिकल की खरीद के लिए 31 मार्च 2026 को 11 हज़ार किलोग्राम एसिड स्लरी की खरीद को लेकर अप्लाई किया था। इसके बाद उधर से बिल भेजकर भुगतान की मांग की।
कारोबारी ने आरटीजीएस और आईएमपीएस के माध्यम से बताए गए बैंक खातों पर करीब 18.31 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि सौदे तय होने के बाद और रकम देने के बाद भी माल नहीं मिला। जिसके बाद कारोबारी को शक हुआ और उसे लगा की।धोखाधड़ी हो रही है।
जांच में ठगों के काम करने का तरीका भी सामने आया है। वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कारोबारी फर्मों की जानकारी जुटाते थे। और जिस वेबसाइट का प्रयोग कारोबारी करता था उसमें अपना नम्बर और विवरण डाल देते थे। फिर शुरू होता था ठगी का खेल।
संबंधित फर्म के नाम और विवरण का इस्तेमाल कर फर्जी बिल तैयार किए जाते थे। इसके लिए ‘माई बिल बुक’ ऐप का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। फर्जी बिलों का उपयोग कर व्यापारियों से धोखाधडी कर रहे थे, इन बिलों के आधार पर भुगतान अलग-अलग खातों में मंगाया जाता था। अबतक ये लोग करीब 35 से 40 लाख की।धोखाधड़ी कर चुके हैं।
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एडीसीपी अरीबा नोमान के मुताबिक, गिरोह करीब डेढ़ साल से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल सूर्यवंशी (37), वीरेंद्र फूलपगारे (22) और सुनील मोहे (34) के रूप में हुई है। तीनों मध्य प्रदेश के इंदौर के निवासी हैं। पुलिस गिरोह के अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
Location : Kanpur
Published : 12 October 2026, 6:48 AM IST