
तिर्वा मेडिकल कालेज में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई (इमेज सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Kannauj: जनपद के तिर्वा मेडिकल कालेज में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई हुई है। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और लापरवाही के चलते उपचार कराने आ रहे मरीजों का बुरा हाल है। बीमारू स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते मरीज झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने और अपनी जान जोखिम में डालने में मजबूर हैं।
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झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने को मजबूर मरीज
मामला तिर्वा मेडिकल कालेज और तिर्वा क्षेत्र के हंसापुर का है। जानकारी के अनुसार अस्पताल का ये आलम है कि एक बीमार बुजुर्ग जमीन पर बैठकर ग्लूकोस की बॉटल चढ़ा रहे हैं। बुजुर्ग को ग्लूकोस की बॉटल लगी डीप के साथ डॉक्टरों ने बाहर निकाला।
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अस्पताल के कर्मियों की बदसलूकी और संवेदनहीनता के चलते मरीज मजबूरी में झोलाछाप डाक्टरों से इलाज कराने को मजबूर हैं। तिमारदारों ने डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने और सुविधा न देने का आरोप लगाया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और मरीजों को कब तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल पाती हैं।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने मरीज के साथ बदसलूकी की और किसी प्रकार की सहायता नहीं दी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में मरीजों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। इलाज और सुविधाएं न मिलने के कारण लोग मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों का सहारा लेने को विवश हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है।
Location : Kannauj
Published : 7 May 2026, 2:30 PM IST