एक रिपोर्ट आई और चली गई नौकरी! कन्नौज में लेखपाल पर गिरी गाज

कन्नौज की तिर्वा तहसील में विवादित जमीन की वरासत गलत तरीके से दर्ज करने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप में लेखपाल चित्रांश यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है और जिला प्रशासन ने राजस्व अभिलेखों में किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 2 July 2026, 9:26 PM IST

Kannauj : जिले में विवादित जमीन की वरासत दर्ज करने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। तिर्वा तहसील में तैनात लेखपाल चित्रांश यादव पर विवादित भूमि की वरासत नियमों को दरकिनार कर दर्ज करने और अपने सरकारी दायित्वों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप लगे हैं। शुरुआती जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही मिलने के बाद प्रशासन ने उनके खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई कर दी है। मामले ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

तहसीलदार की संस्तुति पर हुई कार्रवाई

उप जिलाधिकारी तिर्वा ने बताया कि यह कार्रवाई तहसीलदार तिर्वा की संस्तुति और नायब तहसीलदार हसेरन द्वारा 1 जुलाई को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जांच में सामने आया कि राजस्व ग्राम कांकरकुई की गाटा संख्या-635, जो पहले से विवादित भूमि है। उसकी वरासत बिना आवश्यक जांच-पड़ताल और नियमानुसार परीक्षण किए दर्ज कर दी गई। प्रशासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए तत्काल निलंबन का आदेश जारी कर दिया।

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निलंबन अवधि में तिर्वा तहसील रहेगा मुख्यालय

प्रशासन के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान लेखपाल चित्रांश यादव का मुख्यालय तहसील तिर्वा ही रहेगा। उन्हें राजस्व निरीक्षक कार्यालय, तहसील तिर्वा से संबद्ध किया गया है। नियमानुसार उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही यह भी अनिवार्य होगा कि वह प्रमाणित करें कि निलंबन अवधि के दौरान वे किसी अन्य सरकारी या निजी सेवायोजन, व्यवसाय अथवा किसी निजी कार्य में संलग्न नहीं हैं।

नायब तहसीलदार करेंगे विभागीय जांच

मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए नायब तहसीलदार तिर्वा को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच अधिकारी आरोपपत्र तैयार करेंगे और नियमानुसार पूरी जांच प्रक्रिया पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट सक्षम अधिकारी को सौंपेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय होगी।

प्रशासन का साफ संदेश

जिला प्रशासन ने कहा है कि राजस्व अभिलेखों की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों में लापरवाही करता है या नियमों के विपरीत कार्य करता है तो उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को प्रशासन ने राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

Location :  Kannauj

Published :  2 July 2026, 9:26 PM IST