
मौत से मातम
Gorakhpur : राजघाट क्षेत्र में राप्ती नदी में डूबकर तीन बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद बुधवार को पूरे इलाके में मातम पसरा रहा। पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों बच्चों के शव परिजनों को सौंपे गए तो हर आंख नम दिखाई दी। इरफान का अंतिम संस्कार कब्रिस्तान में किया गया, जबकि निक्कू और शक्ति का अंतिम संस्कार राजघाट पर उसी जगह के पास हुआ। जहां नदी ने उनकी जिंदगी छीन ली। अंतिम संस्कार के दौरान घाट पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
निक्कू के अंतिम संस्कार के दौरान उसके दादा खुद को संभाल नहीं सके। डायनामाइट न्यूज़ से बात करते हुए वह भावुक हो गए और बताया कि जैसे ही उन्हें अपने पोते की मौत की खबर मिली, वह बेहोश हो गए थे। उन्होंने कहा कि अब तक उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनके घर का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
गोरखपुर के राजघाट पर मौत के बाद भी लापरवाही, न बैरिकेडिंग न चेतावनी बोर्ड
वहीं शक्ति के भाई ने बताया कि वह रोज की तरह घर से क्रिकेट खेलने की बात कहकर निकला था। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि वह दोस्तों के साथ नदी में नहाने चला जाएगा और फिर कभी वापस नहीं लौटेगा। उसने कहा कि शक्ति की मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है और पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है।
घटना स्थल पर मौजूद क्षेत्रीय पार्षद दिनेश गुप्ता ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही वह लगातार पीड़ित परिवारों के साथ मौजूद हैं और अंतिम संस्कार तक हर संभव मदद कर रहे हैं।
दूसरी तरफ राजघाट पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने मीडिया से किसी भी तरह की बातचीत करने से इनकार कर दिया। स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं ने इस पूरे हादसे को प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर के प्रमुख घाटों पर भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। घाट पर न पुलिस की स्थायी तैनाती है, न सुरक्षा बैरियर और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगा है।
Location : Gorakhpur
Published : 27 May 2026, 9:42 PM IST