कानपुर में अवैध किडनी रैकेट का भंडाफोड़, गरीब से खरीदी किडनी… मरीज को महंगे दामों में बेची; जानिये पूरा मामला

कानपुर के कल्याणपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा हुआ है। गरीब युवक से कम कीमत पर किडनी खरीदकर उसे मरीज को महंगे दामों में बेचा गया। पुलिस ने दलाल, डॉक्टर दंपती समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 31 March 2026, 11:30 AM IST

Kanpur: कानपुर के कल्याणपुर इलाके में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई में दलाल, डॉक्टर दंपती और अस्पताल संचालकों समेत कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह रैकेट गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनकी किडनी खरीदता था और फिर जरूरतमंद मरीजों को ऊंची कीमत पर बेच देता था।

10 लाख में सौदा, 90 लाख में बिक्री

मामले के अनुसार उत्तराखंड के एक युवक को करीब 10 लाख रुपये में किडनी बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। युवक आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, इसलिए उसने यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। आरोप है कि दलाल शिवम अग्रवाल ने युवक को 9.5 लाख रुपये देकर उसकी किडनी निकलवाई और उसी किडनी को एक मरीज को 90 लाख रुपये से अधिक में बेच दिया। इस तरह रैकेट मोटा मुनाफा कमा रहा था।

गोरखपुर पुलिस में बड़ा फेरबदल: कई निरीक्षक-उपनिरीक्षक बदले, दो थानाध्यक्ष गैर जनपद स्थानांतरित

ऑपरेशन के बाद मरीजों को किया गया शिफ्ट

किडनी ट्रांसप्लांट रावतपुर स्थित एक अस्पताल में किया गया। ट्रांसप्लांट के बाद डोनर और रिसीवर दोनों को करीब 24 घंटे तक वहीं रखा गया। इसके बाद शक से बचने के लिए दोनों को अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया। इस तरीके से रैकेट अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश करता था।

50 हजार रुपये के विवाद से खुला राज

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब डोनर को तय रकम से 50 हजार रुपये कम मिले। दलाल उसे बार-बार टालता रहा, जिससे परेशान होकर युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हो गया।

तीन अस्पतालों में छापेमारी

जांच के दौरान पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कल्याणपुर और आसपास के तीन अस्पतालों में छापा मारा। इन अस्पतालों में किडनी से जुड़े मरीजों के रिकॉर्ड खंगाले गए और कई संदिग्ध गतिविधियों के प्रमाण मिले। छापेमारी के बाद अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों से पूछताछ की जा रही है।

डॉक्टर दंपती और दलाल हिरासत में

इस पूरे नेटवर्क में एक डॉक्टर दंपती की भूमिका भी सामने आई है, जो कथित रूप से अवैध ट्रांसप्लांट में शामिल थे। पुलिस ने दलाल शिवम अग्रवाल, डॉक्टर दंपती और अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस कमिश्नर के अनुसार मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं।

गैस सिलेंडर की किल्लत से गोरखपुर में सियासत गरमाई, कांग्रेस का हाई वोल्टेज प्रदर्शन

प्रारंभिक जांच में यह मामला एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा लग रहा है, जिसमें दलाल, डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट का दायरा कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

Location : 
  • Kanpur

Published : 
  • 31 March 2026, 11:30 AM IST