अगर स्कूल में आए संकट तो कैसे होगा रेस्क्यू? महराजगंज में हुआ बड़ा सुरक्षा अभ्यास

महराजगंज में आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए स्कूल में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन और प्रशासन की टीमों ने राहत-बचाव प्रक्रिया का अभ्यास किया...

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 18 September 2026, 8:07 PM IST

Maharajganj News: स्कूल परिसर में अचानक आपातकाल का अलर्ट बजा और कुछ ही देर में बचाव टीमें मौके पर पहुंच गईं। बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया दिखाई गई और राहत-बचाव अभियान का पूरा अभ्यास किया गया। यह किसी वास्तविक हादसे की घटना नहीं बल्कि महराजगंज प्रशासन की ओर से कराई गई मॉक ड्रिल थी, जिसमें आपदा के समय तैयारियों और विभागों के बीच तालमेल की जांच की गई।

आपात स्थिति का बनाया गया काल्पनिक माहौल

महराजगंज शहर के एक स्कूल में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन को लेकर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (वि/रा) डॉ. प्रशांत कुमार के नेतृत्व में हुए इस अभ्यास में अचानक आपात स्थिति उत्पन्न होने का माहौल तैयार किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। इसके बाद उन्हें निर्धारित सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी दिखाई गई।

पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन टीम ने संभाला मोर्चा

अभ्यास के दौरान पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की टीमों ने तय प्रक्रिया के अनुसार मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। टीमों ने यह दिखाया कि किसी भी आपदा की स्थिति में किस तरह तेजी से कार्रवाई कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। तहसीलदार सदर पूरे अभ्यास के दौरान बचाव टीमों के संपर्क में रहे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे। विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और अन्य संबंधित कर्मचारियों ने भी मॉक ड्रिल में सक्रिय भागीदारी निभाई।

ADM ने दिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

मॉक ड्रिल का निरीक्षण करते हुए अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि आपदा के समय तेज और बेहतर समन्वय से नुकसान को कम किया जा सकता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में आपातकालीन निकासी मार्ग हमेशा खुले और सुरक्षित रहने चाहिए। साथ ही विद्यार्थियों और कर्मचारियों को समय-समय पर सुरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ना जरूरी है।

नियमित अभ्यास से कम होगी अफरा-तफरी

ADM ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य सिर्फ प्रशासनिक तैयारियों की जांच करना नहीं है, बल्कि बच्चों और कर्मचारियों में आपदा के समय सही निर्णय लेने और सुरक्षित व्यवहार करने की आदत विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से वास्तविक आपदा की स्थिति में घबराहट कम होती है और राहत-बचाव कार्यों को ज्यादा प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकता है। मॉक ड्रिल के दौरान प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस टीम, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन कर्मी, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  18 September 2026, 8:07 PM IST