सब राज्यों मेें उनकी संस्कृति के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला है। वहां के लोगों ने उनको भरपूर सहयोग किया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

युवा इंजीनियर सनोज कुमार
हापुड़: भारत भ्रमण पर निकले जिला कुशीनगर धर्मपुर पर्वत निवासी 27 वर्षीय युवा इंजीनियर सनोज कुशवाहा गुरुवार की देर रात को पिलखुवा पहुंचे। शुक्रवार तड़के हिंदू रक्षा दल के जिला प्रभारी रविंद्र शर्मा और उनकी टीम ने स्वागत किया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सनोज कुशवाहा ने बताया कि अब तक 24 हजार किलोमीटर तक यात्रा कर चुके है। उनका लक्ष्य पैदल यात्रा कर पूरे देश की संस्कृति को जानकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना है।
हरियाणा से की है इंजीनियरिंग की पढ़ाई
सनोज कुशवाहा ने बताया कि हरियाणा के सोनीपत के पैट्रो केमिकल इंजीनियरिंग से शिक्षा वर्ष 2020 में पूरी कर चुके है। उसी दौरान पैदल भारत भ्रमण कर अपने देश के सभी राज्यों की संस्कृति के बारे में जानना है।
वर्ष 2022 से शुरू की थी भ्रमण यात्रा
सनोज कुशवाहा ने बताया कि 21 अक्टूबर 2022 को अरूणाचल प्रदेश से यात्रा शुरू की थी। यात्रा शुरू करने के दौरान उन्होंने घर में रखे बैग, कपड़े और तिरंगा को अपने साथ लेकर घर से निकल गया था। 2 साल, 7 महीने और 15 दिनों में असम, नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडू, केरल, गोवा और महाराष्ट्र समेत 27 राज्यों में 24 हजार किलोमीटर यात्रा पूरी की है।
संस्कृति के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला
सनोज कुशवाहा ने बताया कि सब राज्यों मेें उनकी संस्कृति के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिला है। वहां के लोगों ने उनको भरपूर सहयोग किया है। जिसके बाद उनको यात्रा को पूरा करने के लिए काफी सहयोग मिला है। आज (शुक्रवार) गाजियाबाद पहुंचकर दिल्ली पहुंचेंगे। जिसके बाद दिल्ली से होकर दोबारा उत्तर प्रदेश में आकर यात्रा को पूरी करेंगे।
60 जिलों में की है यात्रा
सनोज कुशवाहा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में उन्होंने अब तक 60 जिलों में अपनी यात्रा पूरी की है। उन्होंने बताया कि अपने ही प्रदेश में बहुत ही संस्कृति को जानने के बारे में बहुत अच्छा मौका मिला है। जिसके बाद वो अन्य जिलों की यात्रा करके वहां की संस्कृति के बारे में जानेंगे।
हापुड़ के लोगों ने पूरा सहयोग किया
सनोज कुशवाहा ने बताया कि हापुड़ के लोगों को जब जानकारी मिली तो उन्होंने अपना पूरा सहयोग किया और गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया गया।