
आजम खान और अब्दुल्ला आजम (सोर्स: इंटरनेट)
Rampur: रामपुर की सियासत से जुड़ा एक और बड़ा मामला अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म खान से जुड़ा चर्चित दो पैन कार्ड मामला एक बार फिर कोर्ट में गरमाया, जहां अब सबकी नजर 20 अप्रैल पर टिक गई है। सेशन कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अब फैसला सुनाने की तारीख तय कर दी गई है। यह वही मामला है जिसमें पहले ही एमपी-एमएलए कोर्ट दोनों को 7-7 साल की सजा सुना चुकी है।
सेशन कोर्ट में हुई सुनवाई, 20 अप्रैल तय
रामपुर सेशन Court में आज इस बहुचर्चित केस की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष, दोनों की दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत ने 20 अप्रैल की तारीख फैसले के लिए नियत कर दी। अब यह साफ हो गया है कि इस मामले में अगली सुनवाई सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि बेहद अहम होने वाली है, क्योंकि उसी दिन यह तय होगा कि निचली अदालत के फैसले पर क्या रुख अपनाया जाता है।
पहले ही मिल चुकी है 7-7 साल की सजा
यह मामला इसलिए भी बेहद चर्चित रहा है क्योंकि दो पैन कार्ड केस में रामपुर के एमपी-एमएलए कोर्ट पहले ही आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आज़म खान को 7-7 साल की सजा सुना चुकी है। इसी सजा के खिलाफ दोनों ने रामपुर सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। अब उसी अपील पर सुनवाई के बाद फैसला आने की घड़ी नजदीक आ गई है।
कोर्ट ने मांगे थे सबूत, दोनों पक्षों ने रखी बात
पिछली तारीख पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को अपने-अपने सबूत और पक्ष स्पष्ट रूप से पेश करने के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में आज की सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने अपने तर्क रखे, जबकि आजम खान और अब्दुल्ला आज़म की ओर से भी बचाव पक्ष ने अदालत के सामने अपनी बात रखी। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखते हुए 20 अप्रैल की तारीख तय कर दी।
क्या है पूरा पैन कार्ड मामला
पूरा मामला अब्दुल्ला आज़म खान के कथित तौर पर दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा है। आरोप है कि अलग-अलग दस्तावेजों और जानकारियों के आधार पर दो पैन कार्ड तैयार कराए गए थे। इसी को लेकर यह मामला कानूनी विवाद में बदल गया। यह केस वर्ष 2019 में तब दर्ज हुआ था, जब भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने रामपुर के सिविल लाइंस कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी।
20 अप्रैल पर टिकी राजनीतिक और कानूनी नजर
अब इस मामले में 20 अप्रैल की तारीख बेहद अहम मानी जा रही है। एक तरफ यह मामला कानूनी रूप से बड़ा है, तो दूसरी तरफ इसका राजनीतिक असर भी कम नहीं है। रामपुर की सियासत में लंबे समय से चर्चा का विषय बना यह केस अब फिर सुर्खियों में है और फैसला आने तक इसकी गूंज बनी रहना तय माना जा रहा है।
Location : Rampur
Published : 6 April 2026, 7:44 PM IST