गोरखपुर में बेमौसम बारिश से तबाही, अब मुआवजे में देरी हुई तो होगी कार्रवाई

प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान के बाद सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों को जल्द और पारदर्शी तरीके से मुआवजा दिया जाए। गोरखपुर समेत सभी जिलों में सर्वे और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 8 April 2026, 11:02 PM IST

Gorakhpur: प्रदेश में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान के बाद सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों को जल्द और पारदर्शी तरीके से मुआवजा दिया जाए। गोरखपुर समेत सभी जिलों में सर्वे और राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं।

बेमौसम बारिश के बाद राहत में देरी पर सख्ती

गोरखपुर में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर जैसे पानी फेर दिया, लेकिन अब राहत में किसी भी तरह की देरी प्रशासन को भारी पड़ सकती है। फसलों के नुकसान को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त हो गया है। मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने साफ चेतावनी दी है कि अगर मुआवजा देने में लापरवाही हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जाएगी। इस सख्ती के बाद पूरे सिस्टम में हलचल तेज हो गई है और अधिकारी तेजी से फील्ड में उतर गए हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हुई समीक्षा, अधिकारियों को सख्त निर्देश

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। गोरखपुर से जिलाधिकारी दीपक मीणा, सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी, डॉ. राजेश झा और हिमांशु वर्मा समेत कई अधिकारी जुड़े। बैठक में फसल नुकसान के आकलन और मुआवजा वितरण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। एस.पी. गोयल ने निर्देश दिए कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें मौके पर जाकर वास्तविक नुकसान का आकलन करें और कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रह जाए।

पारदर्शी सर्वे और ई-पोर्टल पर अपडेट अनिवार्य

मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि सर्वे पूरी पारदर्शिता और तय समय सीमा में पूरा होना चाहिए। इसके साथ ही ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर सभी आंकड़ों को नियमित अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूरी प्रक्रिया साफ-सुथरी और जवाबदेह बनी रहे। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि गोरखपुर में सर्वे तेजी से चल रहा है और टीमें लगातार गांवों में पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। किसानों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जा रहा है।

गांव स्तर पर निगरानी और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट

सीडीओ शाश्वत त्रिपुरारी ने जानकारी दी कि ग्राम स्तर पर विशेष निगरानी टीमें बनाई गई हैं, जिससे सर्वे में तेजी आई है। वहीं सीआरओ हिमांशु वर्मा ने बताया कि राजस्व विभाग तय मानकों के अनुसार नुकसान का आंकलन कर रहा है और जल्द रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। बारिश के बाद बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। डॉ. राजेश झा को निर्देश दिए गए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत की जाएं, ताकि किसी भी तरह की बीमारी फैलने से रोका जा सके। अंत में मुख्य सचिव ने दो टूक कहा कि किसानों की समस्याओं का तेजी से समाधान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय के साथ राहत कार्यों को जल्द पूरा करें और हर प्रभावित किसान तक समय पर मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें।

Location :  Gorakhpur

Published :  8 April 2026, 11:02 PM IST