लखनऊ विश्वविद्यालय में नमाज विवाद पर हनुमान चालीसा पाठ… 13 छात्रों को पुलिस का नोटिस जारी, पढ़ें पूरा मामला

लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बारादरी परिसर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद गहरा गया। हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा पाठ कर विरोध जताया, जबकि पुलिस ने 13 मुस्लिम छात्रों को नोटिस जारी कर मुचलका भरने का आदेश दिया। परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 24 February 2026, 12:22 PM IST

Lucknow: लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बारादरी परिसर में नमाज पढ़े जाने के विरोध में मंगलवार को हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रदर्शन किया। इस दौरान परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की नोंकझोंक भी हुई। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए भीड़ को परिसर में प्रवेश करने से रोका।

नारेबाजी करने के आरोप में 13 छात्रों को नोटिस जारी

दूसरी ओर, लखनऊ पुलिस ने लाल बारादरी के पास नमाज पढ़ने और नारेबाजी करने के आरोप में 13 मुस्लिम छात्रों को नोटिस जारी किया है। थाना हसनगंज पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, इन छात्रों पर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य को बाधित करने और सार्वजनिक स्थान पर धार्मिक गतिविधि कर शांति व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप है। प्रशासन ने संबंधित छात्रों को एक वर्ष तक शांति बनाए रखने की गारंटी के रूप में ₹50,000 का मुचलका भरने और दो जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी पक्ष को माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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बैरिकेडिंग बना विवाद की जड़

जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत लाल बारादरी इमारत की मरम्मत के लिए की गई बैरिकेडिंग से हुई। बताया जाता है कि रविवार को कुछ मुस्लिम छात्रों ने बैरिकेडिंग हटाकर वहां नमाज अदा की और इफ्तार किया। उनका आरोप था कि प्रशासन धार्मिक आधार पर भेदभाव कर रहा है।

सोमवार को इसके जवाब में हिंदू छात्र संगठन 'जय श्री राम' के नारे लगाते हुए मौके पर पहुंचे और परिसर में नमाज का विरोध जताया। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। हालात बिगड़ते देख विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों ने हस्तक्षेप कर भीड़ को अलग किया।

एएसआई की रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ संरक्षण कार्य

विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि लाल बारादरी एक ऐतिहासिक और जर्जर इमारत है, जिसके संरक्षण के लिए कार्य कराया जा रहा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत और सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग की गई थी। प्रशासन का दावा है कि परिसर में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है।

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धार्मिक गतिविधियों पर समान नियम की मांग

हिंदू छात्रों का तर्क है कि जब परिसर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के पाठ की अनुमति नहीं दी गई, तो लाल बारादरी में नमाज की अनुमति क्यों दी गई। छात्रों ने प्रशासन को लिखित पत्र देकर मांग की है कि यदि कैंपस में धार्मिक गतिविधियां प्रतिबंधित हैं, तो यह नियम सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।

फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने छात्रों से संयम बरतने और शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित न करने की अपील की है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

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  • Lucknow

Published : 
  • 24 February 2026, 12:22 PM IST