चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के 43 गांवों से जुड़े राजस्व मामलों को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम चौरीचौरा पर शासन व जिलाधिकारी के आदेशों का पालन न करने का आरोप लगाया।

ग्रामीणों ने एसडीएम चौरीचौरा पर लगाए आरोप
Gorakhpur: जिलाधिकारी दीपक मीणा की जनसुनवाई में सोमवार को तहसील प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के 43 गांवों से जुड़े राजस्व मामलों को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता मुन्नीलाल यादव ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और एसडीएम चौरीचौरा पर शासन व जिलाधिकारी के आदेशों का पालन न करने का आरोप लगाया।
मुन्नीलाल यादव ने जिलाधिकारी को बताया कि शासन द्वारा पहले 43 गांवों को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसके बाद सर्वे प्रक्रिया के तहत इन गांवों को डी-नोटिफिकेशन करते हुए संबंधित तहसीलों को सौंप दिया गया। शासन ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि सर्वे के दौरान जिन मुकदमों में आदेश और निर्णय दिए गए हैं, उन्हें संबंधित तहसीलों की कंप्यूटराइज्ड खतौनी में दर्ज किया जाए, ताकि राजस्व अभिलेखों में वास्तविक स्थिति दर्ज हो सके।
गोरखपुर में भीषण सड़क हादसा: परीक्षा दिलाने जा रहे युवक की मौत, एक गंभीर घायल
उन्होंने बताया कि तत्कालीन जिलाधिकारी कृष्ण करुणेश के निर्देश पर जनपद की अधिकतर तहसीलों—सदर, गोला, कैंपियरगंज, खजनी, सहजनवा और बांसगांव—ने इस कार्य को पूरा कर लिया है, लेकिन चौरीचौरा तहसील में अब तक आदेशों का पालन नहीं किया गया। इससे खैरजुटा, सरार, मझगांवा, सिहोड़वा, सेमरोना और बौठा समेत कई गांवों के ग्रामीण वर्षों से तहसील के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और कहा कि जब अन्य तहसीलों में काम पूरा हो चुका है तो चौरीचौरा में देरी समझ से परे है।
इसी जनसुनवाई के दौरान खजनी तहसील की एक महिला ने निवास प्रमाण पत्र न बनने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी दीपक मीणा ने तुरंत खजनी के एसडीएम को फोन कर फटकार लगाई और निर्देश दिया कि महिला का प्रमाण पत्र उसी दिन शाम तक बनाकर उपलब्ध कराया जाए तथा इसकी सूचना उन्हें भेजी जाए।
इसके अलावा एक मृतक आश्रित नियुक्ति से जुड़ा मामला भी सामने आया, जिसमें परिजनों ने आरोप लगाया कि एक महिला खुद को मृतक की पत्नी बताकर नौकरी पाने का प्रयास कर रही है, जबकि युवक की शादी ही नहीं हुई थी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंपते हुए जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने साफ कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।