टीईटी परीक्षा में फर्जी आधार कार्ड के सहारे परीक्षा देने पहुंचा अभ्यर्थी गिरफ्तार, जानें कैसे आया पुलिस की गिरफ्त में

गोरखपुर में यूपीटीईटी 2026 परीक्षा के दौरान फर्जी आधार और कूटरचित दस्तावेजों से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी को बायोमेट्रिक जांच में पकड़कर गिरफ्तार कर लिया गया। जानें पूरा मामला

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 July 2026, 9:04 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) 2026 के दौरान गोरखपुर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे परीक्षा देने का प्रयास करने वाले एक अभ्यर्थी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामला थाना शाहपुर क्षेत्र स्थित जनता इंटर कॉलेज, चरगांवा परीक्षा केंद्र का है, जहां बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान अभ्यर्थी की पहचान संदिग्ध मिलने पर जांच की गई और कूटरचना का मामला उजागर हो गया।

फर्जी दस्तावेज बनाकर देने आया था परीक्षा

जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों का आधार कार्ड एवं बायोमेट्रिक सत्यापन किया जा रहा था। इसी दौरान एक अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत आधार कार्ड में तकनीकी जांच के दौरान गड़बड़ी सामने आई। आधार कार्ड में छेड़छाड़ किए जाने के कारण उसका बायोमेट्रिक मिलान नहीं हो सका। केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने तत्काल दस्तावेजों की गहन जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि अभ्यर्थी कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में शामिल होने का प्रयास कर रहा था।

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सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान देवप्रकाश वर्मा पुत्र रामधनी निवासी ग्राम धोसड़े मिश्र, थाना पैकोलिया, जनपद बस्ती के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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पुलिस मामले की गहराई से कर रही जांच

इस संबंध में थाना शाहपुर में मुकदमा अपराध संख्या 310/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम की धारा 4(1) एवं 13(1) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कृत्य में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की संलिप्तता तो नहीं है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश सरकार के निर्देश पर टीईटी परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों की सघन जांच की व्यवस्था की गई थी। इसी सतर्कता के चलते आरोपी की पहचान समय रहते हो गई और उसे परीक्षा में शामिल होने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है तथा परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  4 July 2026, 9:04 PM IST