कालिका मंदिर के दरवाजे पर ‘मदिरा’…आस्था बनाम अव्यवस्था की टक्कर, क्या पुलिस संभाल पाएगी स्थिति?

मंदिर के ठीक सामने शराब की दुकान को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है और मामला प्रशासन तक पहुंच चुका है। क्या नियमों का उल्लंघन हुआ है या इसके पीछे कोई और कहानी है?

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 7 April 2026, 4:27 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र के ग्राम बारानगर में स्थित मां कालिका मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब की दुकान को लेकर मंगलवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उप-जिलाधिकारी गोला को ज्ञापन सौंपते हुए दुकान को तत्काल हटाने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि मां कालिका मंदिर क्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। ऐसे पवित्र स्थान के ठीक सामने शराब की दुकान का संचालन न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि सामाजिक वातावरण को भी दूषित कर रहा है।

स्थानीय लोगों ने लगाया ये आरोप

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि दुकान के आसपास अक्सर नशे में धुत लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं, खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को काफी असुविधा होती है। कई बार नशे में लोग अभद्र व्यवहार करते हैं और झगड़े की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है।

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ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में करोड़पति सैनी, अमित, विजयंत सिंह, नरेंद्र सिंह, शमशेर और गणेश समेत अन्य लोगों के हस्ताक्षर के साथ प्रशासन को बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार इस समस्या की शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इससे लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

सबसे अहम मुद्दा यह है कि आबकारी नियमों के अनुसार किसी भी धार्मिक स्थल से शराब की दुकान की न्यूनतम दूरी 100 मीटर होनी चाहिए। लेकिन बारानगर में यह दुकान मंदिर के मुख्य द्वार से महज 10 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही है। ग्रामीणों ने इसे नियमों का खुला उल्लंघन बताया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने दी चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि यह केवल एक दुकान का मुद्दा नहीं, बल्कि आस्था और सम्मान का सवाल है।

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उपजिलाधिकारी गोला अमित कुमार जायसवाल को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि जनभावनाओं, धार्मिक महत्व और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस शराब की दुकान को तुरंत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।

Location :  Gorakhpur

Published :  7 April 2026, 4:27 PM IST