राप्ती नदी के खतरनाक घाट फिर जांच के घेरे में, बच्चों की मौत के बाद प्रशासन ने उठाए बड़े कदम

गोरखपुर में राप्ती नदी किनारे बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद मंडलायुक्त और पुलिस उप महानिरीक्षक ने निरीक्षण किया। प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड, साइनेज और जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 May 2026, 12:26 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर में मण्डलायुक्त अनिल ढींगरा एवं पुलिस उप महानिरीक्षक एस. चन्नप्पा ने राप्ती नदी के उन स्थलों का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां हाल ही में नहाने गए बच्चों की दर्दनाक मौत हुई थी। अधिकारियों ने साहूकोल उर्फ मिर्जापुर गांव और राजघाट क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

अधिकारियों और विभागीय टीम की मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक (नगर) एवं राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और जोखिम वाले क्षेत्रों का मूल्यांकन किया।

चेतावनी बोर्ड और साइनेज लगाने के निर्देश

मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में चेतावनी सूचक बोर्ड और साइनेज प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएं। इन पर संबंधित थानाध्यक्ष का नाम, मोबाइल नंबर और एनडीआरएफ का संपर्क नंबर अंकित होना अनिवार्य होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान पर जोर

अधिकारियों ने निर्देश दिया कि नदी किनारे बसे गांवों में चौपाल लगाकर अभिभावकों को जागरूक किया जाए ताकि वे बच्चों को नदी में नहाने से रोक सकें। इसका उद्देश्य भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोकना है।

गहराई वाले स्थानों पर लाल चेतावनी बोर्ड अनिवार्य

जिन क्षेत्रों में नदी की गहराई अधिक है, वहां सिंचाई विभाग को तत्काल लाल चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य ऐसे खतरनाक स्थानों को स्पष्ट रूप से चिन्हित करना है।

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भविष्य में हादसे रोकने की तैयारी

अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन अब सुरक्षा, चेतावनी और जन-जागरूकता पर विशेष ध्यान देगा ताकि नदी किनारे होने वाले हादसों को रोका जा सके।

Location :  Gorakhpur

Published :  31 May 2026, 12:26 PM IST