गोरखपुर में अपराधियों की खैर नहीं, तीन नामों पर खुली हिस्ट्रीशीट, जानें पुलिस का पूरा प्लान

गोरखपुर में अपराधियों पर पुलिस का शिकंजा और सख्त हो गया है। आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें दुराचारी घोषित किया है। इसके साथ ही उनके आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर ‘ख’ श्रेणी की हिस्ट्रीशीट खोलकर निगरानी बढ़ा दी गई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 19 September 2026, 11:55 PM IST

Gorakhpur: अपराधियों पर शिकंजा कसने और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में पुलिस ने तीन अपराधियों को दुराचारी घोषित करते हुए उनके आपराधिक इतिहास के अनुरूप ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली है। कार्रवाई के दायरे में थाना उरुवा बाजार के दो और रामगढ़ताल थाने का एक अपराधी शामिल है। पुलिस की इस कार्रवाई से संबंधित थाना क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी और सख्त करने का संकेत मिला है।

कई थानों में मुकदमा

पुलिस के अनुसार, उरुवा बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम साई बुजुर्ग निवासी कन्हैया पाण्डेय पुत्र विभूति पाण्डेय की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। उसके विरुद्ध बांसगांव, बड़हलगंज, उरुवा बाजार और हरपुरबुदहट थानों में चोरी, चोरी का माल रखने, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

आरोपियों का आपराधिक रिकार्ड

उसके आपराधिक इतिहास में वर्ष 2017 से 2024 तक के कुल नौ मुकदमों का उल्लेख किया गया है। इनमें बांसगांव थाने के चोरी से संबंधित मामले और बड़हलगंज थाने में आर्म्स एक्ट तथा अन्य धाराओं के मुकदमे शामिल हैं।

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इसी क्रम में उरुवा बाजार थाना क्षेत्र के भरथरी गांव निवासी किशन यादव पुत्र रामरेखा यादव को भी दुराचारी घोषित किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके विरुद्ध देवरिया के कोतवाली थाना और गोरखपुर के चौरीचौरा थाने में गोवध अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, आर्म्स एक्ट तथा गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं।

उसके आपराधिक इतिहास में वर्ष 2021 से 2026 तक के चार मामलों का उल्लेख किया गया है। इनमें देवरिया में दर्ज मुकदमे में शस्त्र अधिनियम और पशु क्रूरता से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं।

वहीं, रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के दक्षिणी बेतियाहाता निवासी विजय कुमार पुत्र रामरूप भारती की भी ‘ख’ प्रकार की हिस्ट्रीशीट खोली गई है। उसके खिलाफ रामगढ़ताल और राजघाट थानों में हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, मारपीट और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में कुल आठ मुकदमों का उल्लेख है। पुलिस रिकॉर्ड में वर्ष 2020 से 2025 तक दर्ज मामलों का विवरण शामिल है।

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पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य चिह्नित अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखना और उनके आपराधिक इतिहास के आधार पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना है। हिस्ट्रीशीट खोले जाने के बाद संबंधित पुलिस इकाइयों द्वारा नियमानुसार निगरानी की जाएगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  19 September 2026, 11:50 PM IST