
गोरखपुर के पुराने हत्याकांड में आया फैसला
Gorakhpur: करीब 21 साल पुराने हत्या के एक मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय गोरखपुर ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर कुल 65 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
पीपीगंज थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव से जुड़े इस मामले में लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए फैसले को अपराध के खिलाफ पुलिस की प्रभावी पैरवी के रूप में देखा जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना पीपीगंज के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष को मजबूती से प्रस्तुत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी का परिणाम रहा कि न्यायालय ने पांचों अभियुक्तों को हत्या सहित अन्य गंभीर धाराओं में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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पुलिस के अनुसार, वर्ष 2005 में थाना पीपीगंज में मु0अ0सं0-490A/2005 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 302, 149, 452 और 436 में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में फुलवरिया निवासी अमर सिंह पुत्र मुंशी सिंह, अवध बिहारी पुत्र देवी शरण, मानसिंह पुत्र गोमती सिंह, नागेंद्र सिंह पुत्र विजयनाथ सिंह और राम शब्द सिंह पुत्र मिट्ठू सिंह को अभियुक्त बनाया गया था।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गोरखपुर ने पांचों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और कुल 65 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
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इस मुकदमे में दोषसिद्धि सुनिश्चित कराने में नामिका अधिवक्ता एवं फौजदारी अधिवक्ता उमेश चन्द्र पाण्डेय का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस अधिकारियों ने ऑपरेशन कनविक्शन के तहत गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है।
Location : Gorakhpur
Published : 1 November 2026, 7:07 AM IST
Topics : five convicts sentenced Gorakhpur life imprisonment Murder Case Verdict pipiganj murder case