गोरखपुर में हत्या के मामले में न्यायालय का बड़ा एक्शन, पांच दोषियों को उम्रकैद

गोरखपुर में दो साल पुराने हत्या के मामले में आखिरकार अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। सिकरीगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में दर्ज इस मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

Gorakhpur: जनपद के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में दर्ज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने पांच अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 49-49 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सिकरीगंज थाने में मुकदमा अपराध संख्या 384/2023 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 302/149, 323/149, 325/149 और 452 में अभियोग पंजीकृत किया गया था।

मामले की सुनवाई गोरखपुर स्थित अपर सत्र न्यायाधीश (एएसजे)/ईसी एक्ट न्यायालय में हुई। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने पांचों अभियुक्तों को अपराध का दोषी पाया।

इन आरोपियों को मिली सजा

दोष सिद्ध होने के बाद न्यायालय ने आकाश पुत्र दयाशंकर, मुकेश पुत्र रामबुझ, दयाशंकर पुत्र रामबुझ, पुष्पा पत्नी मुकेश और रामबुझ पुत्र स्वर्गीय भगेहू बेलदार, निवासी बरौही, थाना सिकरीगंज, जनपद गोरखपुर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी अभियुक्तों पर 49-49 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।

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प्रभावी पैरवी से दोषियों को सजा

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से संचालित ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में इस मामले की सुनवाई के दौरान लगातार प्रभावी पैरवी की गई।

थाना सिकरीगंज के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मुकदमे की निगरानी करते हुए न्यायालय में अभियोजन पक्ष की पैरवी को प्रभावी बनाने में भूमिका निभाई।

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इस मामले में दोषियों को सजा दिलाने में विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) धीरेन्द्र जायसवाल, एसपीपी सतीश चन्द यादव और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) हरिनारायण यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Location :  Gorakhpur

Published :  15 October 2026, 1:44 AM IST

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