गोरखपुर: हत्या के बाद 9 साल तक चली कानूनी लड़ाई, अब कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

गोरखपुर में करीब नौ साल से चल रहे एक पुराने हत्याकांड पर आखिरकार अदालत का फैसला आ गया है। वर्ष 2017 में हुई हत्या के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने आरोपी राजेंद्र उर्फ बहादुर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 2 September 2026, 1:21 AM IST

Gorakhpur: वर्ष 2017 में कैंट थाना क्षेत्र में हुई हत्या के मामले में करीब नौ वर्ष बाद अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्त राजेंद्र उर्फ बहादुर को दोषी करार दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/ईसी एक्ट जनपद गोरखपुर की अदालत ने दोषसिद्ध अभियुक्त को आजीवन कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत के फैसले से लंबे समय से चल रहे इस मुकदमे का निस्तारण हो गया।

पुलिस के अनुसार, कैंट थाने में वर्ष 2017 में मु0अ0सं0 897/2017 के तहत धारा 302 आईपीसी में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में राजेंद्र उर्फ बहादुर पुत्र स्वर्गीय रामदुलारे, निवासी खोट्ठा टोला सिंघड़िया, थाना कैंट, गोरखपुर को अभियुक्त बनाया गया था। विवेचना के बाद पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर अभियुक्त के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। इसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।

पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत इस मुकदमे की प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया गया।

गोरखपुर के पक्का घाट पर मिली अचेत महिला, इलाज के बाद खुला ऐसा राज कि पुलिस भी रह गई हैरान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में कैंट थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मुकदमे की लगातार निगरानी करते हुए अभियोजन पक्ष को प्रभावी सहयोग उपलब्ध कराया। पुलिस की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने अभियुक्त को हत्या के अपराध का दोषी पाया।

अदालत ने दोषी राजेंद्र उर्फ बहादुर को आजीवन कारावास के साथ चार हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य गंभीर अपराधों में आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाकर कानून का प्रभावी राज स्थापित करना है।

गोरखपुर में तड़के मुठभेड़, पुलिस पर चलाई गोली; जवाबी फायरिंग में शातिर चोर के पैर में लगी गोली

इस मामले में अभियुक्त को दोषसिद्ध कराने में एसपीपी धीरेंद्र जायसवाल और एसपीपी सतीश चंद यादव के अभियोजन पक्ष की ओर से किए गए प्रयासों को पुलिस ने महत्वपूर्ण बताया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते हत्या जैसे गंभीर अपराध में दोषी को उम्रकैद की सजा मिलने से न्यायिक प्रक्रिया के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

Location :  Gorakhpur

Published :  2 September 2026, 1:20 AM IST