Gorakhpur News: JE-AES की रोकथाम पर सख्ती, बैठक से AIIMS का प्रतिनिधि गायब; मंडलायुक्त ने उठाया बड़ा कदम

Gorakhpur JE AES Prevention को लेकर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। मंडल स्तरीय बैठक में AIIMS गोरखपुर का प्रतिनिधि शामिल नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और एम्स निदेशक व स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजने के निर्देश दिए। साथ ही संचारी रोगों की रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय पर जोर दिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 13 October 2026, 4:25 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस (JE), एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES) और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में आयोजित मंडल स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में AIIMS गोरखपुर का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। इस पर मंडलायुक्त इंद्र विक्रम सिंह ने नाराजगी जताते हुए एम्स निदेशक और स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजने के निर्देश दिए। साथ ही मामले को शासन के संज्ञान में लाने और विभागीय कार्रवाई पर विचार करने का अनुरोध करने को कहा।

बैठक से AIIMS प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी पर नाराजगी

बैठक में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। इस दौरान मंडलायुक्त ने कहा कि JE, AES और वेक्टर जनित रोगों पर नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन बीमारियों की रोकथाम की जिम्मेदारी केवल स्वास्थ्य विभाग तक सीमित नहीं है।

नगर निकायों, पंचायती राज विभाग और अन्य संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि AIIMS प्रतिनिधि की अनुपस्थिति का मामला स्वास्थ्य सचिव और एम्स निदेशक के सामने रखा जाए। शासन स्तर पर इसकी समीक्षा कराने का भी अनुरोध किया जाएगा।

साफ-सफाई और जलभराव पर विशेष जोर

Gorakhpur JE AES Prevention अभियान के तहत मंडलायुक्त ने बीमारियों की रोकथाम के लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने साफ-सफाई बनाए रखने, जलभराव रोकने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि संक्रमण फैलने के बाद उपचार की व्यवस्था करने के साथ ही ऐसी परिस्थितियों को रोकना जरूरी है, जिनसे बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने तथा संभावित मरीजों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

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दस्तक अभियान में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

मंडलायुक्त ने विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान को जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहने की हिदायत दी। अभियान के दौरान सामने आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान करने और नियमित निगरानी रखने पर भी जोर दिया।

विभागों की जवाबदेही तय करने पर जोर

मंडलायुक्त ने कहा कि केवल बैठकों और कागजी समीक्षा से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए धरातल पर कार्रवाई, विभागीय जवाबदेही और लगातार निगरानी जरूरी है। प्रशासन का लक्ष्य सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर गोरखपुर मंडल में JE, AES और अन्य संचारी रोगों के प्रसार पर अंकुश लगाना है।

Location :  Gorakhpur

Published :  13 October 2026, 4:25 PM IST