गोरखपुर के डीआईओएस डॉ. अमरकान्त सिंह का निधन, शिक्षा जगत में शोक

गोरखपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अमरकान्त सिंह का लखनऊ में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन से शिक्षा विभाग और शिक्षकों में शोक की लहर है। सौम्य स्वभाव और प्रशासनिक क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. सिंह के जाने से शिक्षा जगत को बड़ी क्षति हुई है।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 2 May 2026, 4:04 PM IST

Gorakhpur : गोरखपुर से शनिवार को एक ऐसी खबर सामने आई जिसने शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों को गहरे दुख में डाल दिया। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) डॉ. अमरकान्त सिंह का निधन हो गया। लखनऊ में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर जैसे ही गोरखपुर पहुंची, शिक्षा विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। कई शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी विश्वास नहीं कर सके। जिन लोगों ने उनके साथ काम किया।

कुछ समय से थे बीमार

मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. अमरकान्त सिंह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी था। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने शिक्षा विभाग को भी गहरे सदमे में डाल दिया।

कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के अधिकारी थे डॉ. सिंह

डॉ. अमरकान्त सिंह को एक जिम्मेदार और ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने कार्यकाल में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए। स्कूलों में अनुशासन बनाए रखना, पारदर्शिता बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना उनकी प्राथमिकता रही। वे छात्रों के हितों को हमेशा सबसे ऊपर रखते थे और शिक्षा के स्तर को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास करते थे।

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शोकसभा में नम हुईं आंखें

उनके निधन की सूचना मिलते ही जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय गोरखपुर में शोकसभा आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई लोगों की आंखें नम दिखीं। शोकसभा में मौजूद लोगों ने कहा कि डॉ. अमरकान्त सिंह जैसे अधिकारी बहुत कम मिलते हैं। उनका व्यवहार सरल था और वे हर किसी की बात धैर्य से सुनते थे।

सहयोगियों के लिए प्रेरणास्रोत थे

प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक और अन्य अधिकारियों ने कहा कि डॉ. अमरकान्त सिंह एक प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व भी थे। वे हमेशा टीम के साथ काम करने में विश्वास रखते थे। किसी भी समस्या का समाधान शांत तरीके से निकालना उनकी खासियत थी। उनके साथ काम करने वाले कर्मचारी उन्हें एक मार्गदर्शक के रूप में देखते थे।

शिक्षा विभाग को हुई अपूरणीय क्षति

शिक्षकों और कर्मचारियों ने कहा कि डॉ. अमरकान्त सिंह का जाना शिक्षा विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है। उनका सरल स्वभाव और सहयोग करने की आदत उन्हें सबसे अलग बनाती थी। वे हमेशा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गंभीरता से काम करते रहे। उनके निधन से विभाग में एक खालीपन महसूस किया जा रहा है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

परिजनों के लिए संवेदनाएं

डॉ. अमरकान्त सिंह के निधन पर सभी लोग उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। ईश्वर से प्रार्थना की जा रही है कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले। गोरखपुर के शिक्षा जगत में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

Location :  Gorakhpur

Published :  2 May 2026, 4:04 PM IST